बछरावां (रायबरेली)। वंदे भारत एक्सप्रेस पर बीते दिन पत्थर फेंके जाने की घटना का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। आरपीएफ और जीआरपी मामले की जांच कर रहे है। सीसीटीवी फुटेज आने के बाद से चरवाहे निशाने पर आ गए हैं। इस कारण चरवाहे घबराए हुए हैं। वह अपने मवेशियों को चराने के लिए रेल लाइन किनारे नहीं जा रहे हैं।
गोरखपुर से प्रयागराज जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर बछरावां क्षेत्र में सोमवार को पत्थर फेंका गया था, जिससे ट्रेन का शीशा चटक गया था। हादसे के बाद से घटनास्थल का कई बार मुआयना करने के साथ ही आसपास छापा मारा गया था। बीते बृहस्पतिवार को ट्रेन की सीसीटीवी फुटेज आई। सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद 20 से 25 चरवाहों के चेहरे सामने आए हैं, जिनकी तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। इससे चरवाहों में भय व्याप्त हो गया है।
यही वजह है कि चरवाहों ने रेल लाइन किनारे जाने से दूरी बना ली है। रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस की टीमें नीम टीकर और उसके आसपास के गांवों में उन चरवाहों की तलाश कर रही है, जो रेल लाइन के किनारे अपने मवेशी चराने के लिए ले जाते हैं।
सीसीटीवी फुटेज में दिखे चरवाहों की तलाश हो रही है, ताकि उनसे कड़ाई से पूछताछ कर पत्थर फेंकने वाले का पता लगाया जा सके। अब तक के अभियान में कोई सफलता नहीं मिली है। गांव वाले भी चुप्पी साधे हुए हैं।
आरपीएफ प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दिखे चरवाहों के तलाश के लिए अभियान तेज हो गया है। घटना का खुलासा जल्द होगा।