लखनऊ। माफिया मुख्तार अंसारी का खास गुर्गा शकील हैदर लखनऊ में उसका नेटवर्क चलाता था। मुख्तार के नाम पर लोगों को धमकी देकर शकील ने कई लोगों की रकम हड़प ली। यही नहीं, उसने फर्जीवाड़ा कर अमीनाबाद स्थित बैंक से 66 करोड़ रुपये का लोन भी ले लिया था। पुलिस ने अगस्त 2021 में शकील को गिरफ्तार कर जेल भेजा, जहां वह बीमार हो गया। इसके बाद उसे केजीएमयू में भर्ती कराया गया, जहां सितंबर 2022 में उसकी मौत हो गई थी।
शकील हैदर मुख्तार का बेहद खास गुर्गा था। उसके खिलाफ लखनऊ व अमेठी के अलावा कई अन्य जिलों में भी मुकदमे दर्ज थे। जेहटा रोड स्थित पांच बीघा जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक से 66 करोड़ रुपये का लोन लेने के बाद शकील का नाम सामने आया था। पुलिस ने पड़ताल की तो पता चला कि वह मुख्तार अंसारी की शह पर रंगदारी तक वसूलता है। यही नहीं, मुख्तार के लखनऊ से जुड़े सारे कारोबार भी वही संचालित करता था। शकील ने जिस जमीन पर लोन लिया था, उसे 75 से 80 लोगों को बेचकर उनसे भी रकम वसूली थी। पीड़ितों के विरोध करने पर वह अपने गुर्गों के साथ उन्हें धमकाने लगता था। मुख्तार का नाम सामने आने पर लोग दहशत के चलते आवाज नहीं उठा पाते थे।
शकील के पास मुख्तार अंसारी के करीबियों की आवभगत की जिम्मेदारी थी। जब भी मुख्तार के लोग लखनऊ आते थे तो उनके लिए रहने, खाने और गाड़ी की व्यवस्था शकील ही करता था। शकील पर अमेठी में दर्ज एक मामले की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा कर रही थी। शकील के खिलाफ तब गैर जमानती वारंट भी जारी हुआ था। हालांकि वह हर बार पुलिस को चकमा दे देता था। शकील के जरिए मुख्तार व उसके लोगों ने बेनामी संपत्तियां भी खरीदी थीं। शकील ने कुछ साथियों के साथ मिलकर हिंद कंक्रीट प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई थी। इस पर उसने लोन कराया था और बेची जा चुकी जमीन के कागजात बैंक में गिरवी रख दिए थे।
पुलिस की छानबीन में पता चला था कि शकील हैदर हेलिकॉप्टर खरीदना चाहता था। इसके लिए उसने बैंक से धोखाधड़ी की थी। शकील ने अमेठी में सड़क निर्माण के दौरान भी फर्जीवाड़ा किया था। उस पर 13 करोड़ की धोखाधड़ी का भी आरोप था। इससे पहले कि शकील से पूछताछ कर उसे शह देने वालों का नाम उजागर किया जाता, उसकी मौत ही हो गई।