हाय हैंडसम में दिखे रिश्तों के रंग
लखनऊ। विवाह केवल साथ रहने का नहीं, बल्कि जिम्मेदारियां निभाते हुए साथ आगे बढ़ने का बंधन है। इसी संदेश को लेकर जयवर्धन के लिखे और सरिता यादव के निर्देशन में हास्य नाटक ''हाय हैंडसम'' का मंचन बृहस्पतिवार को गोमतीनगर स्थित बाैद्ध शोध संस्थान के प्रेक्षागृह में हुआ। नाटक में दो जोड़ियों और मजाकिया नौकर कमाल के जरिये पारिवारिक रिश्तों को दिखाया गया। मंदा मॉडलिंग और फैशन के शौक में गृहस्थी और मां बनने की जिम्मेदारी से बचना चाहती है। वहीं कर्नल कपूर और उनकी विधवा समधिन सीता देवी घर में बच्चे की किलकारी सुनने की इच्छा रखते हैं। कमाल के चुटीले अंदाज ने गंभीर माहौल को हास्य से भर दिया। सुखद अंत में दोनों को अपनी जिम्मेदारियों का एहसास होता है।
हाय हैंडसम में दिखे रिश्तों के रंग
हाय हैंडसम में दिखे रिश्तों के रंग
हाय हैंडसम में दिखे रिश्तों के रंग
हाय हैंडसम में दिखे रिश्तों के रंग
हाय हैंडसम में दिखे रिश्तों के रंग