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Lucknow News: सीवर के पानी से एनटीपीसी ऊंचाहार में बनेगी बिजली, खर्च होंगे दो अरब

Tue, 27 Jun 2023 11:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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-रायबरेली में मंगलवार को जैतूपुर स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट।
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रायबरेली। बिजली की बढ़ती खपत को पूरा करने के लिए एनटीपीसी ऊंचाहार में अब सीवर के पानी से भी बिजली बनेगी। इस प्रोजेक्ट पर करीब दो अरब रुपये का खर्च आएगा। इससे पानी की बर्बादी रोकने के साथ ही सस्ती दर पर बिजली की उपलब्धता भी हो सकेगी। जल निगम ने इस कार्य के लिए सर्वे के बाद तैयार प्रस्तावित कार्ययोजना को अनुमति के लिए शासन के पास भेजा है। प्रस्ताव को अनुमति मिलने के बाद सीवर के पानी से बिजली बनाने का कार्य शुरू होगा।
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भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय की टैरिफ पॉलिसी-2016 में वेस्ट वाटर (खराब पानी) को पुन: उपयोग में लाए जाने का दिशानिर्देश जारी किए गए थे। इसमें कहा गया था कि वेस्ट वाटर को शुद्ध करके इसका प्रयोग जिले के किसी इंडस्ट्री (उद्योग) में किया जाए। शासन के निर्देश पर जल निगम ने एनटीपीसी ऊंचाहार को सीवर का पानी सप्लाई करने के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया गया है। सीवर पानी की सप्लाई के लिए शहर के गोड़वा गदियानी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से एनपीटीसी ऊंचाहार तक 42 किमी. लंबी लाइन बिछाई जाएगी।
इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब दो अरब रुपये का खर्च आएगा। इसका वहन एनटीपीसी करेगा। वाहनों को धोने, उद्योगों के संचालन समेत अन्य कार्यों में लोग हैंडपंपों, नलकूपों से निकले शुद्ध पेयजल का प्रयोग करते हैं। इससे काफी पानी की बर्बादी होती है। वेस्ट वाटर का प्रयोग जब बिजली बनाने के लिए होने लगेगा तो हैंडपंपों, नलकूपों से निकलने वाले शुद्ध पेयजल की बचत हो सकेगी। ऐसे में लोगों को भविष्य में आशंकित पानी के संकट से भी बचाया जा सकेगा।
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सई नदी में छोड़ा जा रहा 40 लाख लीटर पानी
अमृत योजना के तहत शहरवासियों को सीवर से राहत दिलाने के लिए न सिर्फ पाइप लाइन डाली जा रही है, बल्कि गोड़वा गदियानी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भी बनाई गई है। शहर के सीवर के पानी को एसटीपी में शुद्ध करने के बाद नदी में छोड़ा जाता है। एसटीपी की क्षमता 80 लाख लीटर की है, जबकि मौजूदा समय में करीब 40 लाख वेस्ट वाटर को शुद्ध किया जा रहा है। इस पानी की आपूर्ति एनटीपीसी ऊंचाहार को होगी तो पानी से बिजली बनाने के साथ ही शुद्ध पेयजल की बचत भी हो सकेगी।

50 हजार किसानों को भी मिलेगा फायदा
एनटीपीसी ऊंचाहार को सिंचाई विभाग के शारदा सहायक नहर और पंप कैनाल से प्रतिदिन 100 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराया जाता है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हेमंत कुमार वर्मा कहते हैं कि जो पानी एनटीपीसी को जाता है, यदि उसकी बचत हो जाए तो इसका फायदा जिले के करीब 40 हजार किसानों को मिल सकेगा। इससे फसलों की सिंचाई भी बेहतर तरह से हो सकेगी।


शहर के सीवर के पानी से बिजली बनाने के लिए इसे एनटीपीसी ऊंचाहार को आपूर्ति करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इस काम में करीब दो अरब रुपये का खर्च आएगा। यह पैसा एनटीपीसी ऊंचाहार को खर्च करना होगा। पाइप लाइन बिछाने के कार्य का सर्वे करा लिया गया है। अब बस शासन की अनुमति का इंतजार किया जा रहा है।
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देवेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता जल निगम
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