रायबरेली। शहर में सीवर लाइन बिछाने के काम में अब न सिर्फ तेजी आएगी, बल्कि खस्ताहाल सड़क की तस्वीर भी सुधरेगी। इसके लिए शासन से जल निगम को बजट मिल गया है। दरअसल, शहर में अमृत योजना संचालित है। इस योजना के तहत शहर के 34 वार्डों में रहने वाली ढाई लाख आबादी को सीवर की समस्या से राहत दिलाने के लिए सीवर लाइन बिछाई जानी है। शहर को चार फेज में बांटकर सीवर लाइन बिछाने का कार्य कराया जाना है। फेज-1 और फेज-2 में सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है। मौजूदा समय में फेज-तीन का कार्य चल रहा है।
सीवर बिछाने के लिए सड़कों की खुदाई कर दी गई है। बजट न होने के चलते सड़कों की मरम्मत का कार्य बाधित था। साथ ही सीवर लाइन बिछाने का धीमी गति से चल रहा था। सबसे ज्यादा परेशानी शहरवासियों को खस्ताहाल सड़कों की वजह से हो रही थी। जल निगम की ओर से सत्यापन कराया गया था कि फेज-तीन के तहत कितने किमी. सड़क खस्ताहाल है। सत्यापन में पाया गया कि 23 किमी. सड़क मरम्मत कराने की जरूरत है। अब शासन से 51 करोड़ का बजट मिल गया है। इस बजट को सीवर लाइन बिछाने और सड़कों की मरम्मत पर खर्च किया जाएगा। फेज-तीन का कार्य पूरा होने के बाद फेज-चार का कार्य शुरू कराया जाएगा।
फेज-तीन में इंदिरा नगर, विकास नगर, तिलक नगर, सर्वोदय नगर, शक्ति नगर, अंबेडकर समेत करीब 30 मोहल्ले शामिल हैं, जहां पर सीवर लाइन बिछाने के साथ ही सड़कों की मरम्मत कराई जानी है। इन मोहल्लों में सड़कों के खस्ताहाल होने से नागरिकों को आने जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। खासकर बारिश के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी हो रही थी।
फेज-तीन में 142 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इस बजट से सीवर लाइन डालने, सड़कों की मरम्मत का कार्य कराया जाना है। योजना संचालित होने के समय जलनिगम को शासन से 35 करोड़ रुपये का बजट मिला था। अब 51 करोड़ का बजट मिला है।