जयपुरिया इंस्टीट्यूट के सभागार में म्यूजिकल किस्सागोई का आयोजन हुआ।
लखनऊ। गोमतीनगर स्थित जयपुरिया इंस्टीट्यूट के सभागार में रविवार को आरपी प्रोडक्शन की ओर से म्यूजिकल किस्सागोई कागज की कश्ती का आयोजन हुआ। शहर ने एक अद्भुत कलात्मक शाम का दीदार किया, जब कागज की कश्ती जगजीत सिंह का एक म्यूजिकल पोर्ट्रेट का मंचन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत पुरअसरार नॉस्टॅल्जिया के साथ तुम को देखा तो ये ख्याल आया से हुआ। इसके बाद कथा ने डॉ. सुधांशु मणि की गूंजती हुई आवाज में अपनी रवानी पाई। डॉ. प्रभा श्रीवास्तव ने गजलों और नग्मों की असरदार कड़ी पेश की। गोपाल सिन्हा के सधे और संवेदनशील निर्देशन में यह प्रस्तुति प्रभावपूर्ण ढंग से सामने आई। डॉ. सुधांशु मणि ने शुद्ध उर्दू और प्रभावशाली आवाज में किए गए नरेशन से अनुपमा सुधांशु मणि की रचित कथा के साथ न्याय किया। इसकी बुनियाद जगजीत सिंह के जीवन पर गहन अध्ययन पर आधारित है।
जयपुरिया इंस्टीट्यूट के सभागार में म्यूजिकल किस्सागोई का आयोजन हुआ।
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जयपुरिया इंस्टीट्यूट के सभागार में म्यूजिकल किस्सागोई का आयोजन हुआ।
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