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Lucknow News: पढ़ने आ गए मेहमान, यहां चल रहा प्रवेश-इम्तिहान

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- लविवि में सत्र की लेटलतीफी से असमंजस में विदेशी छात्र, छवि भी हो रही खराब
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- एकेडमिक कैलेंडर में एक अगस्त से कक्षाओं की कही थी बात
- 25 नए देशों से विद्यार्थियों किया है आवेदन
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय ज्यादा से ज्यादा विदेशी विद्यार्थियों को दाखिला देकर वैश्विक स्तर पर अपनी सकारात्मक छाप छोड़ना चाहता है। इस साल दाखिले के लिए आए रिकॉर्ड आवेदन से इस उम्मीद को बल भी मिला है। आवेदन के बाद नामीबिया, मोरक्को, इथोपिया तंजानिया और मारीशस जैसे देशों से कई विद्यार्थी पढ़ाई करने भी आ गए, क्योंकि एकेडमिक कैलेंडर में एक अगस्त से कक्षाएं शुरू होने की बात कही गई थी, लेकिन यहां आकर पता चला कि अभी तो यहां पिछले सत्र की परीक्षाएं और नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया ही चल रही है। इससे छात्र तो असमंजस में हैं ही, लविवि की छवि भी खराब हो रही है।
राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की सर्वोच्च ग्रेड हासिल करने के बाद लविवि में विदेशी विद्यार्थियों के आवेदन में अच्छा खासा इजाफा हुआ है। इस सत्र के लिए रिकॉर्ड 1456 आवेदन हुए हैं। इनमें से 50 के करीब दाखिले हो चुके हैं। लविवि का शैक्षणिक कैलेंडर ऑनलाइन उपलब्ध है। दाखिला ले चुके कई छात्र इसे देखकर पढ़ाई के लिए लविवि पहुंच गए हैं और अपनी कक्षाएं तलाश रहे हैं, लेकिन विवि में इस समय पिछले सत्र की परीक्षा और नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया जारी है। ऐसे में इन विद्यार्थियों का सहारा अब या तो छात्रावास या फिर विश्वविद्यालय परिसर है। इधर, जिस हिसाब से प्रवेश प्रक्रिया चल रही उससे लग रहा है कि इसे पूरा होने में एक माह का समय तो लग जाएगा। लविवि में गत वर्ष सौ विदेशी छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया था, जो उत्तर भारत के शैक्षणिक संस्थानों में सबसे अधिक विदेशी विद्यार्थियों की संख्या थी। इस वर्ष विदेशी विद्यार्थियों ने स्तातक, परास्नातक व पीएचएचडी पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए आवेदन किया है।
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आवेदनों में साल दर साल बढ़ोतरी
सत्र आवेदन
2019-20 53
2020-21 150
2021-22 370
2022-23 850
2023-24 1456
कोट-
31 तक पूरे कर लेंगे प्रवेश
हमारा प्रयास है कि विदेशी छात्रों के दाखिले के प्रक्रिया 31 अगस्त तक पूरी कर लें। इसके बाद तत्काल सभी की कक्षाएं शुरू करा दी जाएंगी।
-डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव प्रवक्ता लविवि

रूस का छात्र करेगा योग की पढ़ाई - फोटो
भारत का योग पूरे विश्व में अपनी छाप छोड़ रहा है। छाप ऐसी कि पांच हजार किलोमीटर दूर से चलकर रूस का छात्र लविवि में योग की शिक्षा हासिल करने चला आया। यहां पर उसने बृहस्पतिवार को सेल्फ फाइनेंस कोर्स बीए योगा में प्रवेश लेकर उसकी फीस जमा कर भी जमा कर दी। छात्र स्तानिस कारासोव के मुताबिक उसे योग से काफी लगाव है। इस कारण उसने इसमें दाखिला लिया है। आगे इसी में कॅरिअर भी बनाएगा। लविवि में निदेशक अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्रो. आरपी सिंह ने बताया कि छात्र के प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उसे जल्द ही विभाग भेजा दिया जाएगा। वहीं, योग फैकल्टी के कोऑर्डिनेटर डॉ. अमरजीत ने कहा कि यह पूरे विवि के लिए हर्ष की बात है।
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