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Lucknow News: सीरियल किलर भाइयों को सात-सात साल कैद, गैंगस्टर में सलीम, रुस्तम और सोहराब पर 10-10 हजार का जुर्माना भी

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कार्ट ने सुनाई सजा। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
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तिहाड़ जेल में बंद सीरियल किलर भाइयों सलीम, रुस्तम और सोहराब को 16 साल पुराने गैंगस्टर के मामले में कोर्ट ने शुक्रवार को दोषी ठहराया।
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गैंगस्टर एक्ट के विशेष न्यायाधीश मो. गजाली ने सात-सात साल कारावास के साथ 10-10 हजार रुपये जुर्माना लगाया। यह रकम न जमा करने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज त्रिपाठी और वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अवधेश सिंह ने कोर्ट को बताया कि 15 दिसंबर 2006 को तत्कालीन कैंट थाना प्रभारी जावेद अहमद ने आरोपियों का गैंग चार्ट बनाकर गैंगस्टर की कार्रवाई कर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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इसमें बताया था कि तीनों ने ऐसा संगठित गिरोह बनाया है, जो पैसे के लिए हत्या जैसे अपराध करता है। विवेचना कर पुलिस ने चार्जशीट लगाई थी।
सुनवाई के दौरान अभियोजन ने कुल 18 लोगों की गवाही कराई। हालांकि, फरीद, इकबाल, डॉ. आसिफ अली, मो. रफी और असरफ बयान से मुकर गए।
इन्होंने रिश्तेदारों के हत्यारे के रूप में आरोपियों को पहचानने से इनकार कर दिया था। साथ ही रिपोर्ट न दर्ज कराने का भी बयान दिया, लेकिन पुलिस के गवाहों ने अभियोजन पक्ष का समर्थन किया।
दंडित करने की मांग करते हुए अभियोजन की ओर से कहा गया कि सलीम का आचरण केस की सुनवाई के दौरान भी अच्छा नहीं था। वह पेशी के दौरान कस्टडी से फरार हो चुका है।
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कोर्ट ने कहा कि आरोपियों का संगठित गिरोह है। खौफ के चलते कोई भी गवाही देने की हिम्मत नहीं करता है। ऐसे में दोषी ठहराकर सजा दी जा सकती है।
भाई की हत्या का लिया बदला तो बन गए सीरियल किलर
मालूम हो कि 2004 में रमजान के महीने में सलीम, सोहराब, रुस्तम के चौथे भाई शहजादे की हुसैनगंज इलाके में हत्या कर दी गई थी। इसका बदला लेने के लिए तीनों भाइयों ने सालभर बाद उसी तारीख पर खदरा और मड़ियांव में भाई के हत्यारों को मौत के घाट उतार दिया था।
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