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Lucknow News: मुंबई, दिल्ली की ट्रेनों में सीटें फुल

Sun, 28 May 2023 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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रायबरेली। एक तरफ ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ी है और दूसरी तरफ रेलवे की आरक्षण व्यवस्था में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है। कुछ दिन पहले सर्वर में तकनीकी खराबी से यात्री जूझे थे, अब स्टाफ की कमी से दिक्कत आ रही है। यही वजह है कि चार में से महज एक काउंटर खुलता है, जिस पर सुबह से शाम तक लंबी लाइन लगी रहती है। दिल्ली, मुंबई समेत कई प्रमुख बड़े स्टेशनों के लिए सभी सीटें फुल हैं। रिजर्वेशन कराने में पसीना बहाने के बाद भी कंफर्म टिकट नहीं मिल रहे हैं। इससे अक्सर हंगामा होता रहता है।
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स्कूल-कालेजों में गर्मी की छुट्टियों के चलते ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ी है। लंबी दूरी का सफर करने वाले लोग ट्रेनों में आरक्षण कराना चाहते हैं। जिस तरह छुट्टियां शुरू होने से पहले रिजर्वेशन को लेकर मारामारी थी, उसी तरह अब छुट्टी के बाद वापसी के लिए अभी से आरक्षण कराने को लाइन लग रही है। समस्या उस समय बढ़ जाती है, जब यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। दिल्ली, मुंबई, अमृतसर, हावड़ा, देहरादून को जाने और वहां से आने वाली ट्रेनों में सीटें फुल हैं। ज्यादातर ट्रेनों में 100 से ज्यादा वेटिंग चल रही है।
एक तरफ किसी भी ट्रेन में कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है, दूसरी तरफ रिजर्वेशन कराने में यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई यात्री तो ऊबकर लौट जाते हैं। वजह यह कि शहर के रेलवे स्टेशन पर चार काउंटर बने हैं, लेकिन नियमित रूप से महज एक काउंटर ही चलता है। इस पर भी धीमी गति से काम होता है। विभागीय अफसर सफाई देते हैं कि स्टाफ कम है। जरूरत पडने पर दो काउंटर चलाए जाते हैं। यात्री कहते हैं कि रिजर्वेशन कराने में पूरा दिन लग जाता है। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार का कहना है कि व्यवस्था दुरुस्त रखने का प्रयास किया जाता है।
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समस्या केवल आरक्षण काउंटर की नहीं है, बल्कि द्वितीय श्रेणी की अनारक्षित टिकटों के लिए भी मशक्कत झेलनी पड़ती है। जनरल टिकट के लिए चार काउंटर और दो एटीवीएम लगी हुई हैं। स्टाफ की कमी से सिर्फ एक काउंटर खुलता है और एक एटीवीएम ही काम करती है। समस्या उस समय गंभीर हो जाती है, जब ट्रेनों का आवागमन ज्यादा है। यानी कि सुबह 8 से 10 बजे तक और शाम को 6 से 8 बजे तक कई ट्रेनें गुजरती हैं। यात्रियों की भीड़ इतनी ज्यादा होती है कि टिकट मिलना मुश्किल रहता है। ऐसे में कई लोगों की ट्रेन छूट जाती है या फिर बिना टिकट लिए गाड़ी में सवार हो जाते हैं।
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