छात्रवृत्ति घोटाले में शामिल राजधानी के हाइजिया एजूकेशनल ग्रुप के संचालकों से प्रवर्तन निदेशालय से पूछताछ में कई अहम राज सामने आ रहे हैं। पूछताछ में सामने आया है कि हाइजिया ग्रुप ने छात्रवृत्ति घोटाले की रकम से देश के कई प्रमुख शहरों के अलावा नेपाल में भी संपत्ति खरीदी है। वहीं पूछताछ में हाइजिया कॉलेज ऑफ फार्मेसी के कर्मचारी रवि प्रकाश गुप्ता ने खुद को निर्दोष बताते हुए घोटाले का पूरा ठीकरा संचालकों पर फोड़ा है। वहीं गिरफ्तारी के डर से हाइजिया के एक संचालक के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना भी अधिकारियों को मिली है।
बताते चलें कि ईडी ने मंगलवार रात हाइजिया एजूकेशनल सोसाइटी के वाइस प्रेसिडेंट इजहार हुसैन जाफरी, मैनेजर अली अब्बास जाफरी और हाइजिया कॉलेज ऑफ फार्मेसी के कर्मचारी रवि प्रकाश गुप्ता को गिरफ्तार किया था। अदालत ने तीनों को पांच दिन की कस्टडी रिमांड पर बुधवार को ईडी के सुपुर्द किया था। तीनों से पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने तमाम दस्तावेजों को सामने रखकर सवाल किए। उन्होंने छापे के दौरान हाइजिया ग्रुप के दफ्तर से फर्जी बैंक खातों के दस्तावेज मिलने के बारे में भी गहनता से पूछताछ की है।
कई कॉलेजों की संलिप्तता के मिले प्रमाण
ईडी की पूछताछ के दौरान हाइजिया ग्रुप ने घोटाले में शामिल कई अन्य कालेजों के नाम भी कबूला हैं। अधिकारियों ने उनके बयान के आधार पर इन कॉलेजों की पड़ताल शुरू कर दी है। ये कॉलेज लखनऊ, बाराबंकी, हरदोई, कानपुर, बरेली के हैं, जिनमें फिनो पेमेंट बैंक के जरिए फर्जी खाते खोलकर छात्रवृत्ति हड़पने की बात सामने आई है। ईडी के अधिकारी इन कॉलेजों के बारे में जल्द ही संबंधित जिला समाज कल्याण अधिकारी से जानकारियां तलब करने की बात कह रहे हैं।
अल्पसंख्यक और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को भेजेंगे सम्मन
छात्रवृत्ति घोटाले में ईडी को अल्पसंख्यक विभाग और कई जिलों के समाज कल्याण अधिकारी पात्र छात्रों से जुड़ी जानकारियां देने में आनाकानी कर रहे हैं। ईडी जल्द ही इनको सम्मन जारी कर तलब कर सकती है। ईडी के अलावा लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने भी अल्पसंख्यक विभाग और जिला समाज कल्याण अधिकारियों को पत्र लिखकर जानकारी मांगी थी।