मंडलायुक्त के आदेश के चौथे दिन सीएमओ ने जारी किया आदेश
नए मरीजों को भर्ती न करें, पुराने मरीजों को शिफ्ट कराने के निर्देश
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संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब के आदेश के चौथे दिन बृहस्पतिवार को सत्यम हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। सीएमओ ने निलंबन आदेश जारी करते हुए सभी चिकित्सीय सेवाएं बाधित कर दी हैं। नर्सिंगहोम में टीम को भेजकर आदेश के अनुपालन के आदेश दिए गए हैंं। सीएमओ ने संचालक को हॉस्पिटल में नए मरीजों को भर्ती न करने के साथ ही पुराने मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट कराने के निर्देश भी दिए हैं।
लालगंज क्षेत्र के रानीपुर गांव निवासी सुरेंद्र कुमार शर्मा के दो माह के बेटे राघव का बायां हाथ शहर के इंदिरा नगर स्थित सत्यम हॉस्पिटल में इलाज के बाद सड़ गया था। 21 जून तक हाथ का इलाज न करने और संक्रमण काफी बढ़ जाने के बाद पिता सुरेंद्र ने बेटे को डिस्चार्ज कराने के बाद एम्स में भर्ती करा दिया था। ऑपरेशन करके सात जुलाई को एम्स में हाथ काट दिया गया। आठ जुलाई की रात इलाज के दौरान नवजात ने दम तोड़ दिया था।
मामले में डॉ. आशुतोष सिंह के खिलाफ शहर कोतवाली में दर्ज मुकदमे की विवेचना चल रही है। डीएम के आदेश पर एसीएमओ डॉ. अरविंद कुमार, सर्जन डॉ. आशा शंकर वर्मा व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यजीत सिंह की टीम जांच कर रही है।
बीती 24 जुलाई को मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच और सत्यम हॉस्पिटल के लाइसेंस को निलंबित करने का आदेश दिया था। मंडलायुक्त ने बीती 18 जुलाई को मंडलीय जनता दर्शन में राघव के पिता सुरेंद्र की शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लिया। मंडलायुक्त के आदेश पर बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने सत्यम हॉस्पिटल के लाइसेंस को निलंबित कर दिया। उच्च स्तरीय जांच पूरी न होने तक सभी प्रकार की चिकित्सीय सेवाएं भी प्रतिबंधित कर दीं।
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एक माह बाद राघव के पिता को मिला न्याय
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बीती 21 जून के बाद से लगातार सुरेंद्र बेटे का हाथ बचाने और न्याय के लिए भटकते रहे। चार जुलाई को डीएम ने जांच के लिए कमेटी भी गठित कर दी, लेकिन कमेटी ने अब तक जांच रिपोर्ट डीएम को उपलब्ध नहीं कराई है। बीच में मंडलायुक्त के गंभीर होने के बाद सुरेंद्र को न्याय मिल गया और सीएमओ ने सत्यम हॉस्पिटल के लाइसेंस को निलंबित कर दिया। सुरेंद्र का कहना है कि लाइसेंस को निरस्त करके मुकदमे की विवेचना को पूरी कराकर दोषियों को सजा दिलाई जाए।
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मुकदमे की जांच अटकी, तरह-तरह की चर्चाएं
सत्यम हॉस्पिटल के संचालक डॉ. केएस सिंह के बेटे डॉ. आशुतोष सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने को 20 दिन बीत गए हैं, लेकिन पुलिसिया जांच रामभरोसे चल रही है। सीएमओ की जांच रिपोर्ट आने का बहाना करके पुलिस जांच पूरी करने में देरी कर रही है।
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उच्च स्तरीय कमेटी का गठन
मंडलायुक्त के आदेश पर सत्यम हॉस्पिटल के लाइसेंस को निलंबित करके चिकित्सीय सेवाएं प्रतिबंधित कर दी गई हैं। डीएम के स्तर से उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। नए मरीजों को भर्ती करने पर रोक लगाने के साथ ही पुराने मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कराने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ