सपा सरकार में आजकल ‘दाढ़ी और साड़ी’ का जुमला खूब चर्चा में है। मंत्रिमंडल के पिछले विस्तार के बाद इस चर्चा ने खास तौर पर जोर पकड़ा है।
उम्मीद थी, कैबिनेट में किसी दाढ़ी वाले (मुस्लिम) और साड़ी वाली (महिला) को शामिल किया जा सकता है, पर ऐसा नहीं हुआ।
कई बार विधायक रहे एक राज्यमंत्री के कक्ष में पहुंचे उनके समर्थक ने जुमला छोड़ा, इस सरकार में ‘दाढ़ी और साड़ी’ की चिंता किसी को नहीं है। पहली सरकार है जिसमें कोई महिला कैबिनेट मंत्री नहीं है।
सपा सरकार में दाढ़ी वालों को मेरिट के बावजूद तवज्जोे नहीं मिल रही। मंत्री ने तो कुछ नहीं कहा, मगर वहां बैठे लोग जरूर देर तक चर्चा करते रहे।