लखनऊ। संस्था बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी के आरोप में एसटीएफ की ओर से गिरफ्तार किए गए संजय राय उर्फ संजय शेरपुरिया को पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने की मांग वाली अर्जी विशेष सीजेएम की कोर्ट में दी गई है। कोर्ट ने अर्जी पर सुनवाई के लिए दो मई की तारीख तय करते हुए सुनवाई के समय आरोपी को तलब किया है।
इसके पहले मामले के विवेचक ने आरोपी संजय शेरपुरिया को 10 दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने की मांग वाली अर्जी देकर बताया कि आरोपी से उसके संपर्कों के विषय में पूछताछ करना है। वहीं, लोगों से धोखाधड़ी में उसके साथ शामिल लोगों के विषय में जानकारी करने के साथ ही महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए जाने हैं। आरोपी को बरामदगी के लिए विभिन्न जगहों पर ले जाना है। इस अर्जी पर सुनवाई के लिए मंगलवार की तारीख तय करते हुए कोर्ट ने कहा कि अर्जी पर आरोपी की आपत्ति को सुना जाना आवश्यक है, लिहाजा उसे रिमांड अर्जी पर सुनवाई के समय कोर्ट में पेश किया जाए।
यह है पूरा मामला
एसटीएफ के इंस्पेक्टर सचिन कुमार ने 25 अप्रैल को विभूतिखंड थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि आरोपी संजय राय पिछले कई सालों से अलग-अलग नाम से और अलग-अलग कंपनियों के जरिये लोगों से धोखाधड़ी कर धन उगाही कर रहा है। बैंक से डिफाल्टर है। उसने फर्जी आईडी पर कंपनियां रजिस्टर करवाकर पैसों का लेनदेन किया। सरकार व बड़े अधिकारियों तक अपनी पहुंच बताकर लोगों से धन उगाही की। मनी लांड्रिंग, हवाला और टैक्स चोरी जैसे काम भी करता है। पीएम समेत तमाम बड़ी हस्तियों के साथ अपनी फोटो को बिना अनुमति के पोस्ट कर लोगों को भ्रमित कर ठगी की। उद्योगपति का केस रफादफा कराने के लिए उसने 21 व 23 जनवरी को कुल छह करोड़ रुपये अपने खाते में लिए।