रायबरेली। जिले के मेडिकल स्टोरों पर बिक रहीं दवाएं जांच में मानकों पर खरी नहीं उतर रही हैं। गुजरात और मेरठ में बनी एंटीबाॅयटिक दो दवाओं के नमूने जांच में फेल हो गए। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने संबंधित बैच नंबर की दवाओं की बिक्री बंद करते हुए कंपनियों को वापस करने के आदेश दिए हैं। साथ ही दवाओं के निर्माताओं और विक्रेताओं को नोटिस देने के साथ ही एसीजेएम कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
ड्रग इंस्पेक्टर शिवेंद्र प्रताप सिंह ने अप्रैल 2024 में अचलेश्चर स्थित आस्था मेडिकल स्टोर से सीपी-250 कैपसूल और शहर के चंद्रिका एजेंसी से सेपो-200 का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। जांच में दोनों दवाओं के नमूने फेल हो गए। एक दवा में घुलने की क्षमता कम मिली तो दूसरी में दवा की मात्रा। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोनों मेडिकल स्टोर संचालकों के साथ ही अहमदपुर गुजरात और मेरठ के दवा निर्माताओं को भी नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि एसीजी 3ई 093 बैच नंबर की सीपी-250 कैप्सूल और 5155 बैच नंबर की सेपो-200 टैबलेट की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया गया है। संबंधित एजेंसियों और दुकानदारों को संबंधित दवाओं की बिक्री वापस करने के आदेश दिए गए हैं। चेकिंग के दौरान दुकानों पर संबंधित बैच नंबर की दवाओं की बिक्री मिलने पर दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी।