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Lucknow News: सस्ते ई-रिक्शा की बिक्री घटी, महंगे ई-आटो बिके तीन गुना

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लखनऊ। ई रिक्शा ही नहीं, ई आटो भी जाम की वजह बन रहे हैं। चौराहों से लेकर गली-मुहल्लों तक में ई-आटो फर्राटा भर रहे हैं। खास बात यह है कि सस्ते ई रिक्शा की बिक्री घट रही है, जबकि महंगे ई आटो की बिक्री बढ़ रही है। बीते वर्ष ई रिक्शा जहां 10,927 बिके थे, वहीं इस साल अब तक 7,742 व ई आटो 2154 बिके थे, वहीं इस साल 6800 बिक चुके हैं।
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ऐसे में ई-रिक्शा ही नहीं, अब परिवहन विभाग की ओर से ई-आटो की संख्या नियंत्रित करने को लेकर मंथन शुरू कर दिया गया है। दीपावली बाद ई आटो को लेकर ठोस निर्णय लिए जाएंगे। दरअसल, लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने को लेकर परिवहन विभाग व ट्रैफिक की ओर से लगातार बैठकें की जा रही हैं। इसी क्रम में ई रिक्शों व ई आटो का सर्वे कराया गया, जिसमें यह बात सामने आई कि ई आटो खरीदारों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।



राजधानी में ई रिक्शा डीलरों की संख्या जहां 125 के आसपास है, वहीं ई आटो डीलर प्रमुख रूप से तीन हैं। बता दें कि गत वर्ष जनवरी से अक्तूबर के बीच कुल 10,927 ई रिक्शा बिके थे। वहीं इस साल उपरोक्त अवधि में 7,742 ई-रिक्शा बिके हैं। दूसरी ओर गत वर्ष जनवरी से अक्तूबर के बीच बिकने वाले ई आटो की संख्या जहां 2154 थी, वहीं उपरोक्त अवधि में इस वर्ष 6800 ई आटो बिक चुके हैं। इनकी बिक्री तीन गुनी हो गई है। इन आंकडों से यह स्पष्ट हो रहा है कि ई रिक्शा की जगह ई आटो की बिक्री बढ़ रही है। यह हाल तब है, जब ई रिक्शा डेढ़ लाख रुपये में मिल रहा है, वहीं ई आटो पौने चार लाख रुपये में मिलता है।
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ई रिक्शा डीलर वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री अंकित जैन ने बताया कि हरियाणा की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। हरियाणा में थ्री व्हीलर की बिक्री पर पुलिस वैरिफिकेशन होता है। चालक की फोटो, वाहन का विवरण गाड़ी पर चस्पा किया जाता है। इससे कंडम वाहन चलन से बाहर होते हैं तथा नाबालिगों के हाथ में स्टीयरिंग नहीं जाती। इतना ही नहीं नगर निगम पार्किंग स्टैंड दे तथा आरटीओ जर्जर ई रिक्शा को तत्काल चलन से बाहर कर दे।

ई आटो की तुलना में ई रिक्शा बेहद सस्ता है। बावजूद इसके ई आटो की बिक्री बढ़ रही है। ई आटो जहां 3.75 लाख रुपये में आ रहा है, वहीं ई रिक्शा डेढ़ लाख रुपये में। ई आटो की बैटरी पर दो लाख रुपये तक खर्च होते हैं, ई रिक्शा में सिर्फ 60 हजार रुपये। आसान किस्तों व डाउनपेमेंट पर मिलने के बावजूद ई रिक्शा की जगह ई आटो की बिक्री तेजी से बढ़ी है। इसकी वजह ई रिक्शों से लगने वाले जाम के चलते उन्हें चलन से बाहर करने की तैयारी हैं।


आरटीओ प्रशासन संजय तिवारी ने बताया कि लखनऊ में ई रिक्शों व ई आटो से लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए ट्रैफिक विभाग के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। ट्रैफिक बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि लोगों को राहत हो सके।
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