ग्रामीण विधान सभा क्षेत्र में आयोजित समाजवादी पार्टी के सम्मेलन में मंगलवार को जमकर मारपीट हुई। एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंकने के अलावा कार्यकर्ताओं ने तमाम कुर्सियां तोड़ दीं।
मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामे में शामिल करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया। हालांकि थोड़ी ही देर में सभी को छोड़ भी दिया गया।
सीओ कोतवाली डीएन शुक्ला का कहना था कि इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं होने की वजह से हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया गया।
तिवारीपुर थानाक्षेत्र के एक मैरिज हॉल में ग्रामीण विधान सभा क्षेत्र के शहरी कार्यकर्ताओं का सम्मेलन आयोजित था।
कार्यक्रम अभी शुरू ही हुआ था कि दोपहर एक बजे के करीब कुछ युवा, सपा के ही एक नेता के पक्ष में जिंदाबाद के नारे लगाते हुए वहां पहुंचे।
उनका कहना था कि कार्यक्रम ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र का है लिहाजा क्षेत्र के पदाधिकारी से सभा का संचालन कराना चाहिए।
इसी को लेकर सम्मेलन के मुख्य अतिथि और महानगर अध्यक्ष कृष्ण कुमार त्रिपाठी के समर्थकों से नोकझोंक शुरू हो गई।
थोड़ी ही देर में गाली-गलौच होने लगी और फिर मारपीट शुरू हो गई। देखते ही देखते कुर्सियां चलने लगी जिससे भगदड़ मच गई।
सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में पुलिस पहुंच गई और हंगामा कर रहे करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया।
सूत्रों के मुताबिक मारपीट करने वाले लोग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के ही एक सपा नेता के समर्थक थे और यह घटना पहले से चल रहे मनमुटाव का परिणाम है।
हालांकि सम्मेलन में मौजूद पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस सवाल से कतराते रहे कि हंगामा किसने कराया।