रायबरेली। जिले में बुधवार को झमाझम बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। वहीं, बारिश से लोगों को उमस से राहत मिली। खेतों में पानी भरने से किसानों के चेहरे खिल गए।
बारिश न होने से भीषण उमस से लोग परेशान थे। धान की फसल भी सूखने की कगार पर पहुंच गई थी। जिले के कई हिस्सों में अभी तक धान की फसल की रोपाई नहीं हो सकी है। बारिश के लिए लोग प्रार्थना के साथ टोटके भी कर रहे थे। आखिरकार बुधवार को सीजन की पहली बारिश जोरदार तरीके से हुई। सुबह 11:30 बजे से 12:30 बजे तक तेज बारिश और उसके बाद रिमझिम बारिश दोपहर तीन दो बजे तक होती रही।
तेज बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया। शहर के मलिकऊ, जवाहविहार, घंटाघर, इंदिरा नगर, नया पुरवा, सब्जी मंडी, चिड़ियाखाना, कहारों का अड्डा, देवानंदपुर, अहियारायपुर, महानंदपुर, सुपर मार्केट में जलभराव रहा। लोगों को कई घंटों तक आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। बुधवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री रहा।
इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज अमेठी के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि मानसून हल्का सा सक्रिय हुआ है। अगले 24 घंटे में बारिश की संभावना बनी हुई है।
पेड़ गिरने से तीन घंटे आवागमन ठप
परशदेपुर (रायबरेली)। तेज बारिश से परशदेपुर-अठेहा रोड पर बुधवार को मटियारा चौराहे के पास सीसम का पेड़ गिर गया। इससे लगभग तीन घंटे आवागमन बाधित रहा। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। छोटे वाहन तो दूसरे मार्ग से निकल गए, लेकिन बड़े वाहन जाम में फंसे रहे। काफी देर बाद पहुंची जेसीबी ने पेड़ को साइड में किया। सड़क पर गिरे पेड़ को हटवाने के लिए न तो वन विभाग का कोई कर्मी पहुंचा और न ही पुलिस कर्मी दिखे। वन रक्षक गंगा सागर ने बताया कि माली को मौके पर भेजकर पेड़ को हटवा दिया गया।
किसानों ने तेज की धान की रोपाई
हलोर (रायबरेली)। क्षेत्र के हलोर, पुरासी, अलीपुर, कुशलगंज, भटसरा, कोटवा मोहम्मदाबाद, हिलहा, बारिगोहन्ना, कक्केपुर सहित पूरे क्षेत्र में बारिश से किसानों को राहत मिली है। काफी दिनों बाद हुई बारिश से प्यासे खेतों की प्यास बुझी तो साथ ही खेती किसानी के रुके काम ने तेजी पकड़ी। किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी है। इसी तरह जगतपुर बारिश से किसान खुश दिखे। बारिश न होने से किसानों के चेहरे पर चिंता का लकीर थी। किसानों का कहना है कि इस बारिश से हल्की राहत दी है। इसी तरह बारिश हो तो सूखे का खतरा टल जाएगा। (संवाद)