लखनऊ। मोहनलालगंज तहसील के कानूनगो (राजस्व निरीक्षक) शशिकांत उपाध्याय को सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने शुक्रवार को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। कानूनगो एक किसान से पैमाइश और मेड़बंदी कराने के नाम पर 10 हजार रुपये घूस मांग रहे थे। किसान से बातचीत के लिए कानूनगो ने अपने एक सहायक को लगाया था। शुक्रवार को किसान तहसील पहुंचा और 10 हजार रुपये दिए। कानूनगो व उसके सहायक ने जैसे ही रिश्वत ली, टीम ने उन्हें दबोच लिया।
तहसील मोहनलालगंज में बहरौली इलाके के कानूनगो शशिकांत उपाध्याय बहरौली निवासी एक किसान को पैमाइश व मेड़बंदी के लिए कई दिन से टरका रहे थे। सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ सेक्टर के मुताबिक एसडीएम मोहनलालगंज की ओर से दो नवंबर 2022 को आदेश पारित किया गया था। इसके बावजूद रुपये की मांग को लेकर कानूनगो पैमाइश नहीं कर रहा था। परेशान होकर किसान ने सतर्कता अधिष्ठान में मामले की शिकायत की। इसके बाद टीम गठित कर जांच की गई। पड़ताल में मामला सही पाया गया। इसके बाद टीम शुक्रवार दोपहर मोहनलालगंज तहसील पहुंची। टीम कानूनगो के अलावा उसके सहयोगी मोनू को भी पकड़ ले गई। हालांकि सतर्कता अधिष्ठान की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सूत्रों का कहना है कि कानूनगो के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत किसान ने समाधान दिवस में अफसरों से की थी। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। तहसील प्रशासन की शह पर कानूनगो भ्रष्टाचार में संलिप्त रहा, जिसके कारण उसे गिरफ्तार किया गया है।
एसडीएम मोहनलालगंज हनुमान प्रसाद मौर्य के खिलाफ भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। गाजियाबाद में जब वह तहसीलदार पद पर तैनात थे, तब स्टांप चोरी के एक मामले में भी उन पर संगीन आरोप लगे थे। इसके बाद जांच के आदेश दिए गए थे। एसडीएम के खिलाफ शासन में जांच जारी है। लंबे समय से चल रही जांच की रिपोर्ट अभी तक लंबित है। इस मामले में एसडीएम मोहनलालगंज से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।