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सेवानिवृत्त दरोगा के बेटे की हत्या का मामला : घटनास्थल तक अकेला पहुंचा था अंकित, फुटेज मिले, दोस्तों से पूछताछ

Mon, 17 Jul 2023 09:13 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

लखनऊ में सरोजनीनगर के बेहसा गांव निवासी सेवानिवृत्त दरोगा विजय प्रकाश यादव के बेटे अंकित यादव की हत्या के मामले में अब तक कोई ठोस सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है। सीसीटीवी फुटेज से एक बात स्पष्ट हो गई है कि वह घटनास्थल तक अकेले ही पहुंचा था।
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अंकित यादव (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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लखनऊ में सरोजनीनगर के बेहसा गांव निवासी सेवानिवृत्त दरोगा विजय प्रकाश यादव के बेटे अंकित यादव की हत्या के मामले में अब तक कोई ठोस सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है। सीसीटीवी फुटेज से एक बात स्पष्ट हो गई है कि वह घटनास्थल तक अकेले ही पहुंचा था। स्कूटर इंडिया से लेकर पिपरसंड वाले मार्ग पर लगे कैमरों में वह बुलेट से अकेला जाता दिखाई दिया है। ऐसे में आशंका है कि वारदात अंजाम देने वाले घटनास्थल पर ही मौजूद थे। पुलिस ने सोमवार को अंकित के दोस्तों समेत दस लोगों से पूछताछ की।

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एडीसीपी साउथ शशांक सिंह ने बताया कि स्कूटर इंडिया से पिपरसंड स्टेशन तक जाने वाले रूट के दर्जनों कैमरों के फुटेज देखे। इसमें अंकित बुलेट से जाता दिखाई दिया। उसके साथ कोई नहीं था। न ही कोई ऐसा दिखा जो अन्य बाइक से उसके साथ में हो। पुलिस ने अंकित के दोस्तों व परिचितों से भी पूछताछ की। इसमें वह युवक भी शामिल रहा जो एक सप्ताह पहले अंकित के साथ केदारनाथ की यात्रा पर गया था। उसने पूछताछ में बताया कि पिछले कुछ समय से अंकित तनाव में था। दुबई में जो वह नौकरी करता था, उसमें अच्छी सैलरी मिलती थी। यहां सैलरी बहुत कम थी। हालांकि, परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर है। ऐसे में उसकी वजह से तनाव में होने की बात गले नहीं उतर रही है।

दोपहर एक बजे के करीब हुई वारदात
पिपरसंड रेलवे स्टेशन से करीब सौ मीटर पहले लगे एक फुटेज में अंकित दिखा है। तब दोपहर के 12:45 बजे थे। इसके बाद वह घटनास्थल पर पहुंचा। तब वारदात को अंजाम दिया गया। अंदेशा है कि करीब एक बजे के आसपास अंकित को मारा गया। पुलिस अब इसके साढ़े बारह से लेकर डेढ़ बजे के बीच घटनास्थल की तरफ जाने व आने वालों के फुटेज देख रही है।
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बरामद मोबाइल में नहीं था सिम
शव के पास से एक मोबाइल बरामद हुआ था। पहले उसके पिता ने मोबाइल की पहचान करने से इनकार दिया था। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि मोबाइल अंकित का ही है। उसमें कोई सिम नहीं था। शायद वह नया सिम लेकर उसमें इस्तेमाल करता। इसलिए मोबाइल गुम होने की सूचना दर्ज कराने निकला था।

रेलवे कर्मी ने अंकित को अकेला बैठा देखा था
डीसीपी साउथ विनीत जायसवाल ने बताया कि एक रेलवे कर्मी से बातचीत की गई। जिसने बताया कि दोपहर एक बजे के आसपास अंकित को एक पेड़ के नीचे अकेला बैठा देखा था। वहां पर कोई और शख्स मौजूद नहीं था। वहीं दोस्तों से पूछताछ में सामने आया कि अंकित ने कहीं से लोन लिया हुआ था। जब वह केदारनाथ में था तो उसके पास किश्त जमा करने के लिए फोन आया था। तब उसने वापस लौटकर पैसे जमा करने की बात कही थी। पुलिस इस बिंदु पर भी तफ्तीश कर रही है कि कहीं किसी ट्रैप में तो अंकित नहीं फंसा था। फोरेंसिक जांच रिपोर्ट भी प्रकरण में अहम है।

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