लखनऊ। पीजीआई के राजधानी कोविड अस्पताल में 14 दिन की लगातार ड्यूटी के विरोध में शुक्रवार को नर्सिंग कर्मियों ने प्रदर्शन किया। रेजिडेंट डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि व्यवस्था में बदलाव नहीं किया गया तो वे आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। पीजीआई में नर्सिंग कर्मियों और रेजिडेंट के लिए कोरोना वार्ड में ड्यूटी का समय 14 दिन कर दिया गया है। इससे पहले 7 दिन की ड्यूटी और 14 दिन के क्वारंटीन का समय निर्धारित था। क्वारंटीन के लिए होटल की व्यवस्था को भी खत्म कर दिया गया है। अब 14 दिन की कोराना वार्ड ड्यूटी के बाद 2 दिन होम क्वारंटीन की व्यवस्था की गई है। इसके बाद चिकित्सा कर्मियों को फिर से वार्ड ड्यूटी करनी होगी। इस आदेश के जारी होने के बाद से ही इसका विरोध शुरू हो गया। शुक्रवार को संस्थान की नर्सों ने प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया। पीजीआई में प्रशासनिक भवन के सामने जुटी नर्सों ने कहा कि वह लगातार 14 दिन की ड्यूटी के लिए तैयार नहीं हैं। बल्कि उन्होंने 14 दिन की ड्यूटी को सात-सात दिन के अंतराल में कराए जाने की मांग रखी। उधर, पीजीआई रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आकाश माथुर और महासचिव डॉ. अनिल गंगवार पीजीआई निदेशक से लेकर चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना और सीएम योगी आदित्यनाथ से भी 14 दिन की ड्यूटी का विरोध कर चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक कोई हल नहीं निकला है। ऐसे में रेजिडेंट डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि 14 दिन की ड्यूटी खत्म नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए विवश होंगे, जिसकी जिम्मेदारी पीजीआई प्रशासन की होगी।