केंद्रीय ललित कला अकादमी के क्षेत्रीय केंद्र में मंगलवार को वर्धनी शीर्षक से आयोजित कार्यक्रम।
लखनऊ। अलीगंज स्थित केंद्रीय ललित कला अकादमी के क्षेत्रीय केंद्र में मंगलवार को वर्धनी शीर्षक से आयोजित कार्यक्रम में अकादमी के शोधार्थियों ने अपनी कला यात्रा और शोध कार्यों को साझा किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ फोटोग्राफर राकेश सिन्हा, वरिष्ठ ग्राफिक कलाकार संदीप भाटिया और क्षेत्रीय सचिव डॉ. देवेंद्र त्रिपाठी ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। मुख्य अतिथि राकेश सिन्हा ने कला के क्षेत्र में निरंतर अभ्यास और नई तकनीक के समावेश की आवश्यकता पर बल दिया। संदीप भाटिया ने कहा कि एक विचार धीरे-धीरे कैनवास पर आकार लेता है। इस दौरान ललित कला अकादमी, नई दिल्ली की ओर से चित्रकला विधा में स्कॉलरशिप प्राप्त दो कलाकार कनुमोनु वेणु (पेंटिंग) और सौरभ सिंह (फोटोग्राफी) भी मौजूद रहे। आंध्र प्रदेश के मूल निवासी कनुमोनु वेणु ने चित्रकला के क्षेत्र में अपने नवीन प्रयोगों और वैचारिक दृष्टिकोण के बारे में बताया। उन्होंने अपनी शोध प्रक्रिया, विषयों के चयन और कला में आ रहे तकनीकी बदलावों पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों और कला प्रेमियों को शोध की बारीकियों से अवगत कराया। सौरभ सिंह ने छायांकन की बारीकियों और इस नवीन माध्यम से कहानी कहने की कला पर विस्तार से चर्चा की। क्षेत्रीय सचिव डॉ. देवेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली एक साधना है।
केंद्रीय ललित कला अकादमी के क्षेत्रीय केंद्र में मंगलवार को वर्धनी शीर्षक से आयोजित कार्यक्रम।