पुलिस महकमे को कॉस्मेटिक सर्जरी तरीके से बदला हुआ दिखाने की कोशिश है। इसका पहला प्रयास डीजीपी मुख्यालय से ही हो रहा है।
कुछ अरसा पहले तक पुलिस का दफ्तर लगने वाला यह दफ्तर अब विदेशी टच लेने लगा है। किसी भी कारपोरेट कार्यालय की तरह सफेद माइका लगे केबिन में लेकिन बैठने वाले पुलिस कर्मी वही पुराने हैं।
दफ्तर के बाहर बड़ा सा गेट लग गया है और अंदर घुसने के लिए डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना पड़ता है।
सख्ती इतने तक ही की दिखाई देती है। अंदर कोई न कोई सुर्ती ठोंकता तो कोई मसाला चबाता हुआ दिख जाता है।
पुराने माल पर चढ़ाए जा रहे मुलम्मे पर पुराने अफसर भी चुटकी लेने से बाज नहीं आते और कहते हैं कि देसी माल को विदेशी टच दिया जा रहा है।