लखनऊ। मशहूर उर्दू साहित्यकार इस्मत चुगताई की बेबाक शख्सियत और साहित्यिक विरासत को रविवार को गोमतीनगर स्थित एक स्टूडियो में दास्तानगोई के जरिये याद किया गया। कार्यक्रम में दास्तानगो अरशाना अजमत ने इस्मत चुगताई के जीवन और साहित्यिक सफर को रोचक अंदाज में पेश किया। शुरुआत इस्मत चुगताई के व्यक्तित्व का प्रभावशाली चित्रण करने वाली पंक्तियों से हुई। इसके बाद अरशाना अजमत ने उनके बचपन, शिक्षा, लेखन यात्रा और प्रगतिशील विचारों से जुड़े कई रोचक प्रसंग श्रोताओं के सामने रखे। साथ ही उनकी चर्चित कहानी ‘लिहाफ’ और उस पर चले मुकदमे का भी जिक्र किया। बताया कि इस्मत चुगताई ने अपने लेखन के जरिये सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती दी और महिलाओं की आवाज को नई पहचान दिलाई।