कवि सूर्य कुमार पांडेय को सम्मानित करतीं निदेशक राधा रंगराजन।
लखनऊ। हिंदी पखवाड़ा के समापन पर केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान के प्रेक्षागृह में बृहस्पतिवार को हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। वरिष्ठ कवि सूर्यकुमार पांडेय ने चुटीले अंदाज में सुनाया - बदन में चीनी कम होने लगी है, मुहब्बत के दो मीठे बोल दे दे।
वहीं शशि श्रेया ने पढ़ा- झूठ कहने से मुकरना चाहिए था, कम से कम ईश्वर से डरना चाहिए था। पंकज प्रसून ने आज के दौर पर प्रासंगिक पंक्तियां पढ़ीं - हम सोशल मीडिया के झूले में झूल रहे हैं, पासवर्ड याद है, पड़ोसी को भूल रहे हैं...। कानपुर के कवि श्रवण शुक्ल ने सुनाया- हमारे एक मित्र बीमा कंपनी के एजेंट हो गए, यानी भेजा चाटने का पेटेंट हो गए।
सीडीआरआई की निदेशक डाॅ. राधा रंगराजन ने हिंदी पखवाड़े के दौरान संस्थान में हुईं प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया। संस्थान के वैज्ञानिक, रिसर्च फेलो व प्रशासनिक प्रभाग के अधिकारी मौजूद रहे। संचालन हिंदी अधिकारी सचिन मिश्रा ने किया।