वरिष्ठ कथाकार प्रताप दीक्षित के नवीन कहानी संग्रह ''कगार के आखिरी सिरे पर'' का विमोचन रविवार को
लखनऊ। वरिष्ठ कथाकार प्रताप दीक्षित के नवीन कहानी संग्रह ''कगार के आखिरी सिरे पर'' का विमोचन रविवार को कैफी आजमी अकादमी में हुआ। गोष्ठी में अध्यक्षीय वक्तव्य में वीरेंद्र यादव ने कहा कि प्रताप दीक्षित की कहानियों में जो मूल्य हैं वे बेहद जरूरी हैं। ऐसे संग्रह समाज को सोचने और बदलने की प्रेरणा देते हैं। कहानियों में समय की सच्चाई और संघर्ष दिखता है। जनवादी लेखक संघ के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव नलिन रंजन सिंह, प्रसिद्ध कथाकार रजनी गुप्त, वरिष्ठ पत्रकार नवीन जोशी, शैलेंद्र सागर, समीना खान, ज्ञानप्रकाश चौबे समेत साहित्यकारों, शोधार्थियों और पाठकों की उपस्थिति रही।