गत विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार का समय समाप्त होने के
बावजूद पब्लिक मीटिंग कर वोट मांगने के मामले में कैंट विधायक रीता बहुगुणा
जोशी को जमानत मिल गई।
एससीजेएम हितेंद्र हरि ने जोशी को 20-20 हजार रुपये
की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
आचार
संहिता के उल्लंघन के इस मामले में रीता बहुगुणा जोशी ने गुरुवार को कोर्ट
के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
विधायक की ओर से अधिवक्ता राकेश कुमार मिश्रा
ने जमानत अर्जी देकर बताया कि उनकी मुवक्किल को इस मामले में राजनैतिक
द्वेषवश फंसाया गया है।
जोशी पर आरोप है कि 17 फरवरी 2012 को प्रचार का समय
समाप्त हो जाने के बावजूद उन्होंने बजरंग नगर मोहल्ले में पब्लिक मीटिंग
कर वोट मांग रही थीं।
सूचना पर स्टेटिक सर्विलांस मजिस्ट्रेट मुकेश
चतुर्वेदी ने मीटिंग को रोका तथा कृष्णानगर थाने पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई
थी।