रायबरेली। आदित्य हत्याकांड में गवाह को धमकाने के मामले में गिरफ्तार किए गए सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष आरपी यादव पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की गई है। इससे सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष की मुश्किलें और बढ़ गई है।
नौ अक्तूबर 2019 को डी-फॉर्मा के छात्र आदित्य सिंह की हत्या कर दी गई थी। मामले में छह नवंबर 2019 को आरपी यादव को जेल भेजा गया था। दिसंबर में उसे बरेली जेल शिफ्ट कर दिया गया था। 22 माह बाद सितंबर 2021 में वह जमानत पर छूटा था।
इसी बीच हत्याकांड की गवाह राजकुमारी सिंह को धमकाने के आरोप में चार फरवरी को सपा नेता आरपी यादव को दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव 10 फरवरी को आरपी से मिलने रायबरेली जेल आने वाले थे लेकिन इससे पहले ही उसे सुल्तानपुर जेल शिफ्ट कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि गवाहों को धमकाने के मामले में आदित्यकांड के आरोपी व सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष आरपी यादव पर रासुका लगाई गई है।