कोर्ट ने 18 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
रायबरेली। कोतवाली डलमऊ क्षेत्र में छह वर्ष पूर्व हुए नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के एक मामले में दोषसिद्ध होने पर कोर्ट ने अभियुक्त को पॉक्सो एक्ट में 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 18 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन के अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार तिवारी ने सोमवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो एक्ट) लक्ष्मी शंकर श्रीवास्तव व आलोक कुमार त्रिपाठी के मुताबिक मामले की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने कोतवाली डलमऊ में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 11 जून 2016 को दिन में करीब दो बजे वादी की 15 वर्षीय बेटी को पड़ोसी मनोज कुमार अपहृत कर ले गया। पीड़िता के मिलने के बाद दुष्कर्म की बात भी सामने आई। पुलिस ने विवेचना के बाद मनोज कुमार लोधी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने अर्थदंड जमा होने पर संपूर्ण राशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का भी निर्देश दिया है। संवाद