रायबरेली। तीन साल पूर्व लालगंज क्षेत्र में युवती के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
लालगंज कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता की आरोपी आजम आलम निवासी गंदी गली अलीनगर लालगंज से बस में मुलाकात हुई। आरोपी ने खुद को डॉक्टर बताया और पीड़िता की मां के इलाज के सिलसिले में घर आने लगा। इसी दौरान उसने अकेली पाकर पीड़िता से दुष्कर्म किया।
इसके बाद आरोपी ने ब्लैकमेल और शादी का झांसा देकर लगातार तीन साल तक उससे दुष्कर्म किया। 12 जुलाई 2021 को लालगंज कोतवाली में पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी आजम आलम के खिलाफ चार्जशीट जिला एवं सत्र न्यायालय के फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-एक में दाखिल की थी।
मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश विद्याभूषण पांडेय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने और उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर आजम आलम को दोषी करार देते हुए दस साल के कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई।