लखनऊ। रामोत्सव 2022 के आमंत्रण पत्र छप चुके हैं, मंचन की तैयारियां एकदम अपने उत्कर्ष पर हैं। साज-सज्जा का खाका खींचा जा चुका है। श्री रामलीला समिति ऐशबाग की ओर से होने वाले रामोत्सव की शुरुआत 26 सितंबर से होगी और 7 अक्तूबर तक राजधानी राममय रहेगी।
संयोजक हरीश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि इस बार कई बदलाव हो रहे हैं। सबसे बड़ा परिवर्तन तो यही है कि शोभायात्रा इस बार रात को नहीं बल्कि दिन में निकलेगी। यह फैसला रात को होने वाली असुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। संयोजक मंडल के मुताबिक, रामोत्सव के मंच को इस बार भगवान राम के विभिन्न स्वरूपों से सजाया जाएगा। राम के दशावतार रूप के दर्शन भक्तों को होंगे। मंच पर सम्मिलित स्वरूप दृश्यमान होंगे। वहीं पहली बार राजगद्दी और भरत मिलाप का मंचन लीला स्थल पर बने मंच पर ही होगा। पहले यह आयोजन शोभायात्रा के बाद नादान महल रोड पर होता था। ज्यादा से ज्यादा लोगों तक भरत मिलाप के संदेश को पहुंचाने के लिए इसे मंच पर लाया जा रहा है।
121 फीट का ही होगा रावण
रावल 121 फीट का ही होगा। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि हर वर्ष किसी न किसी घटना या कुरीतियों को पुतले पर लिखकर उसका दहन किया जाता है। इसे लेकर मीटिंग होना शेष है कि इस बार किस कुरीति का दहन होगा।