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Lucknow News: इबादत की रूहानियत बढ़ा रहीं विदेशी टोपियां

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लखनऊ। रमजान उल मुबारक में इबादत की रूहानियत बढ़ाने के लिए विदेशी टोपियों से लेकर तस्बीह, जा-नमाज सहित इबादत के सामान का बाजार सजा हुआ है। नमाजियों के सिर पर लखनवी, रामपुरी, अजमेरी और हैदराबाद की निजामी टोपियों के साथ विदेशी टोपियों ने भी अपने जगह बना ली है। वहीं तुर्की के ड्रामा सीरियल एर्तुगरुल गाजी की टोपी इस बार भी बाजार की रौनक बढ़ा रही है। जिन्ना टोपी का रुतबा अभी भी बरकरार है।
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रमजान में इबादत के सामानों में बाजार भी गुलजार हो चुके हैं। बदलते दौर का असर रोजेदारों के सिर पर सजी टोपियों में दिखा तो बाजार तुर्की, दमिश्क, लाहौरी, ओमानी, मलेशियन, अफगानी, इंडोनिशिया, रूसी सहित लखनऊ की टोपियों से सज गया। नजीराबाद, अकबरीगेट, चौक, अमीनाबाद और नक्खास के बाजार में चीनी टोपियां इबादत में चार चांद लगा रही हैं। हालांकि रोजेदारों की पहली पसंद रेशमी, सूती, कुरैशिया की बिनी हुई टोपियां आज भी बनी हुई हैं। चौक में टोपियों के व्यापारी मो. हारून बताते हैं कि उनके पास पांच रुपये से 800 रुपये तक की टोपियां हैं। गर्मी के चलते जालीदार टोपियां भी मौजूद हैं जिनकी कीमत 20 से 70 रुपये तक है। दमिश्क, बांग्लादेशी, चाइनीज, अफगानिस्तान और टर्की की टोपियां 35 से 150 रुपये तक बाजार में मौजूद हैं। लखनऊ की दो पल्ली टोपी की अपनी जगह बनी हुई है। बाजार में ये टोपी 50 रुपये से शुरू है। मो. हारून बताते हैं कि जिन्ना टोपी 250 से 700 रुपये के बीच उपलब्ध हैं।
जा-नमाज व तस्बीह से बढ़ रही इबादत
रमजान में इबादत करने करने के लिए जा-नमाज और तस्बीह की मांग भी बढ़ गई है। नमाज अदा करने के लिए बाजार में 100 से 1000 रूपये तक जा-नमाज बाजार में उपलब्ध है। वहीं तस्बीह आठ रुपये से 100 रुपये तक मौजूद है। गर्मी में अरबी रुमाल की मांग भी जोरों पर है। अरबी रुमाल 80 से 150 रुपये तक बिक रहा है।
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