सनातन संस्कृति की धरोहर रामचरितमानस की चौपाई को तोड़ मरोड़ कर शौचालयों पर लिखने का एक मामला प्रकाश में आया है। इसको लेकर सनातन धर्मावलंबी व ब्राह्मण समाज के लोग आक्रोशित हैं। जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के बेहीखोर निवासी वीरेंद्र कुमार यादव तथा कथित डॉ. पुरिखा के द्वारा दरवाजे पर बने शौचालय पर रामचरितमानस की चौपाई को तोड़ मरोड़ कर कुछ इस प्रकार से लिखा गया है।
ढोल ब्राम्हण पंडा पुजारी।
सकल ताड़ना के अधिकारी।।
ब्राह्मण को दान, मंदिर को अनुदान, मनुवादी को मतदान बंद करो बंद करो।
नीचे वीरेंद्र कुमार यादव शूद्र बेहीखोर लिखा हुआ है।
शौचालय पर लिखी तथ्य चौपाई का फोटो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इसको लेकर सनातन धर्मी को मानने वालों में नाराजगी है। 2000 आबादी वाले बेहीखोर गांव में शौचालय तो 200 से ज्यादा बने हैं लेकिन इसमें से 3-4 शौचालयों में ऐसा लिखा हुआ है।
मामले पर अनिल बाजपेई, मनोज अग्निहोत्री, राजन शुक्ला, गौरव द्विवेदी, सचिन तिवारी, पंकज मिश्रा, शिवम तिवारी, आदित्य तिवारी का कहना है कि इस पर प्रशासन की ओर से दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई जिससे समाज में आपसी भाईचारा का माहौल बिगड़ रहा है। यह समाज के लिए घातक है। रामचरितमानस की चौपाई को बदलने का किसी को कोई अधिकार नहीं है। यह सनातन धर्म ग्रंथ का अपमान है।
मामले में दरोगा आयुश वत्स की तहरीर पर गांव निवासी बीरेंद यादव, डा. पुरिखा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।