सपा के प्रदेश प्रवक्ता और कारागार मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि भाजपा और कांग्रेस मुद्दों से भटक गए हैं।
दोनों दलों के नेता एक दूसरे की कमियां उघाड़ने में ज्यादा समय दे रहे हैं। वे सत्ता में आए तो कौन सी नीतियों पर चलेंगे, इस पर चर्चा नहीं होती है।
चौधरी ने कहा कि प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि सपा के विकास के एजेंडे और धर्मनिरपेक्षता की नीति से इतर ये दल किस रास्ते पर चलना पसंद करेंगे।
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उन्होंने कहा कि सोनिया गांघी के मुंह से यह सुनकर किसे हंसी नहीं आएगी कि कांग्रेस का उद्देश्य आम आदमी की तरक्की, गरीबी दूर करना और समानता लाना है।
कांग्रेस राज में गरीब आदमी और गरीब हुआ है। भाजपा के नेता प्रतिपक्ष ने तो साफ कह दिया है कि अब नेतृत्व मुद्दे पर ही चुनाव लड़ा जाएगा। अगर नीति पर बहस होती तो भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति पर चर्चा होगी।
सपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती अलगाववाद और सांप्रदायिकता से निबटने की है। सपा सरकार विकास के एजेंडे पर आगे बढ़ रही है।