सपा के प्रदेश प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी ने कहा कि बसपा वंचितों, दलितों और गरीबों के साथ इंसाफ नहीं होने देना चाहती है।
17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग उठने पर लोकसभा में बसपा ने जिस तरह समर्थन का झूठा नाटक किया उससे यह साबित हो गया है।
चौधरी ने कहा कि शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से कश्यप, निषाद, बिन्द, मल्लाह, कहार, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, राजभर, भर, धीमर, तुरहा, गौंड़, मांझी, केवट, बाथम तथा मछुआ जैसी पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति का लाभ मिलने से उनका जीवन स्तर सुधर सकता है।
मुलायम सिंह मुख्यमंत्री थे, तब भी इन जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था।
मंत्रिपरिषद और विधान सभा में प्रस्ताव पारित कर अधिसूचना जारी करके 2005 में इन जातियों को अनुसूचित जाति की तरह सुविधाएं देना प्रारंभ किया था।
बसपा सरकार ने ये सुविधाएं वापस करने के लिए प्रस्ताव भेज दिया। कांग्रेस की पिछड़ा वर्ग विरोधी सरकार ने तुरंत इन्हें वापस कर दिया।