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Lucknow News: लिखना नहीं, महसूस करना कवि होना है...

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लखनऊ। लिखना कवि होना नहीं, महसूस करना कवि होना है। लोग कहते हैं कि मुझे जानते हैं, मुझे लगता है कि मुझे कोई जानता नहीं..., आधुनिक रंगमंच के प्रणेता पद्मश्री राज बिसारिया ने खुद से पूछे गए सवालों के जवाब कुछ इस अंदाज में देना शुरू किया। मौका था उनकी कविताओं के संग्रह आई एम नॉट द गार्डनर के विमोचन समारोह का। आयोजन मेटाफर की ओर से किया गया।
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कार्यक्रम की शुरुआत में वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप नारायण माथुर, मेटाफर संस्थापक कनक रेखा चौहान, अभिनेता-लेखक अतुल तिवारी, प्रो. मीनाक्षी पाहवा और डॉ. अम्मार रिजवी ने राज बिसारिया के साथ अपने रिश्तों को बयां किया। उनकी धर्मपत्नी किरन बिसारिया ने भी 50 साल के रिश्ते को खूबसूरत शब्द दिए। विमोचन समारोह के बाद लखनऊ विवि में अंग्रेजी विभाग की प्रो. रानू उनयाल ने राज बिसारिया के साथ कवि, कविता और रंगकर्म पर बातें की। यह किताब उनकी मुंहबोली बहन ऊषा अरूर ने उन्हें उपहार स्वरूप भेंट की है। इस दौरान वे कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़ी रहीं।



द कर्टन ब्वॉय से सांग ऑफ लव तक

वियोगी होगा पहला कवि, आह से उपजा होगा गान..., प्रो. रानू ने जब इन पंक्तियों के साथ संवाद शुरू किया तो राज बिसारिया ने कहा कि एकांत में उनका संघर्ष, उनकी सोच कविता के रूप में जन्म लेती रही थी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कर्टन ब्वॉय के रूप में शुरू किए अपने संघर्ष के दिनों को याद किया। पत्नी को अपना सबकुछ बताया और कहा कि थियेटर ही मेरा परिवार, मेरे रिश्ते-नाते हैं। मां को भी याद किया। उन्होंने कहा कि कभी कोई दूर नहीं जाता, जो जितना दूर जाता है, वो उतना पास आता है। पुस्तक में करीब 40 कविताएं हैं, जिनकी शुरुआत द कर्टन ब्वाय शीर्षक होकर द सॉन्ग आफ लव पर खत्म होती है।
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किसी के लिए पिता समान, किसी के लिए नेपोलियन बोनापार्ट

लेखक-अभिनेता अतुल तिवारी ने उनकी डांट, उनके प्यार, उनकी सीख को याद करते हुए कहा कि हाथ में तलवार लिए नेपोलियन बोनापार्ट सा लगने वाले राज बिसारिया की डांट ने जीवन को दिशा दी। प्रो. मीनाक्षी पाहवा ने उनकी सिखाई हर छोटी-बड़ी बातों को साझा किया। पूर्व मंत्री डॉ. अम्मार रिजवी ने शायराना अंदाज में एक के बाद एक राज बिसारिया के प्रति अपनत्व को व्यक्त किया। समारोह में रंगकर्म, साहित्य व कला जगत की जानी मानी हस्तियां मौजूद थीं। वरिष्ठ अभिनेता अनिल रस्तोगी, वरिष्ठ रंगकर्मी सूर्यमोहन कुलश्रेष्ठ, दूरदर्शन की वरिष्ठ अधिकारी रमा अरुण त्रिवेदी, रंगमंच जगत की जानी मानी शख्सियत सलीम आरिफ भी मौजूद रहे।
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