लखनऊ। कोरोना की चपेट में आए राजाजीपुरम निवासी रेलकर्मी की रविवार दोपहर केजीएमयू में मौत हो गई। वह मधुमेह के साथ उच्च रक्तचाप और हृदय संबंधी समस्या से पीड़ित थे। इससे रेलवे में हलचल मची हुई है। परिजनों सहित कुछ रेलकर्मियों के सैंपल भी लिए गए हैं। रेलकर्मी का बेटा कुछ दिन पहले दिल्ली से लौटा है। इस बीच उनकी तबीयत खराब हुई। उन्हें हृदय संबंधी समस्या थी। प्रोसीजर से पहले कोरोना जांच कराई गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इस पर उन्हें 19 जून की रात केजीएमयू में भर्ती कराया गया। उन्हें आईसीयू में रखा गया था। रविवार सुबह 8:10 बजे उनकी मौत हो गई। केजीएमयू के मीडिया प्रभारी डॉक्टर सुधीर सिंह ने बताया कि 55 वर्षीय मरीज को कई तरह की समस्याएं थी। रेस्पिरेटरी फेल्योर की वजह से उनकी मौत हो गई है। गाइड लाइन के अनुसार, शव को पैक करके परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों की भी कराई जाएगी जांच सीएमओ नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि अंतिम संस्कार के बाद परिजनों की भी जांच कराई जाएगी। इस इलाके में एक मरीज पहले भी पॉजिटिव पाया जा चुका है। इसलिए मोहल्ले में सैनिटाइज कराया गया है। कंटेनमेंट जोन घोषित करने के लिए प्रशासन को पत्र भेजा गया है। मरीज के संपर्क में आने वालों की सूची तैयार की जा रही है। रेलवे से भी जानकारी मांगी गई है। देर शाम परिजनों व रेल कर्मियों के सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू की गई। रेलकर्मियों में मची हलचल सीएमओ ने मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय से रेलकर्मी के संपर्क में आने वालों की सूची मांगी है। हालांकि देर शाम तक रेलवे सूची नहीं दे पाया। सूत्रों का कहना है कि कोरोना से रेलकर्मी की मौत की सूचना के बाद वर्कशॉप में कार्यरत करीब 70 लोगों को क्वारंटीन की सलाह दी गई है।