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रेलवे की तिजोरी से लाखों गायब, अफसरों में हड़कंप

Thu, 28 Apr 2016 09:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रायबरेली
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- फोटो : amar ujala
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रेलवे स्टेशन पर तैनात बुकिंग क्लर्क ने टिकट और रिजर्वेशन के चार लाख रुपये डकार लिए। गुरुवार सुबह तिजोरी खोलने पर रुपये गायब होने का पता चला। इससे रेल महकमे के अफसरों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
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एसएस, आरपीएफ इंस्पेक्टर समेत अन्य अफसरों ने बुकिंग ऑफिस पहुंच कर कर्मचारियों से पूछताछ की। मुख्य वाणिज्य पर्यवेक्षक ने ड्यूटी पर तैनात इंचार्ज बुर्किंग क्लर्क के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। जीआरपी ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।

रायबरेली रेलवे स्टेशन के बुकिंग दफ्तर में तीन शिफ्टों में क्लर्कों की ड्यूटी लगती है। सुबह आठ बजे से बुकिंग क्लर्क विशाल फिलिप्स ने दफ्तर में चार्ज लिया।
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बताते हैं कि दफ्तर की तिजोरी में चार लाख 30 हजार 96 रुपये रखे हुए थे। इसमें रात भर बिके टिकट के अलावा बुधवार रात आठ बजे तक हुए रिजर्वेशन का रुपया भी था। चार्ज लेने के बाद बुकिंग क्लर्क विशाल ने तिजोरी खोली तो उससे नगदी गायब थी। इसका पता चला तो अफसरों में हड़कंप मच गया।

आठ बजे तक सेफ थे रुपये, फिर हुआ खेल

जांच करते अधिकारी - फोटो : amar ujala
सूचना पर एसएस राकेश कुमार, यातायात निरीक्षक परवेज अहमद समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रताप सिंह नेगी ने घटना की पड़ताल की। जीआरपी की कार्यवाहक थानाध्यक्ष कंचन सिंह ने बताया कि मुख्य वाणिज्य पर्यवेक्षक ओम प्रकाश ने बुकिंग क्लर्क विशाल फिलिप्स के खिलाफ गबन की एफआईआर दर्ज कराई है। जांच की जा रही है।

आठ बजे तक सेफ में थे रुपये
मुख्य वाणिज्य पर्यवेक्षक ओम प्रकाश का कहना है कि रात 12 बजे से सुबह आठ बजे तक शांति मिश्रा और राकेश कुमार की ड्यूटी थी। शांति मिश्रा दफ्तर की इंचार्ज थी। उन्हीं के पास सेफ की चाभी थी। विशाल ने शांति मिश्रा से सुबह आठ बजे चार्ज लिया। चार्ज लेने के दौरान की गई लिखापढ़ी के मुताबिक आठ बजे तक सेफ में रुपये सुरक्षित थे। इसके बाद रुपये गायब हुए।

बिना कैश गिने ही लिया था चार्ज
मुख्य वाणिज्य पर्यवेक्षक के मुताबिक घटना का पता चलने पर जब विशाल से पूछताछ की गई तो उसने लिखापढ़ी में चार्ज जरूर लेने की बात कही, लेकिन बताया कि उसने विश्वास के चलते कैश नहीं गिना था। पूरे मामले की विभागीय जांच भी कराई जाएगी।
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मामले को दबाने का हुआ भरसक प्रयास

रेलवे की इसी तिजोरी में रखे थे पैसे - फोटो : amar ujala
रेल महकमे के सूत्रों के अनुसार अफसरों ने लाखों के गबन की इस घटना को दबाने का भरसक प्रयास किया। सुबह करीब 8:30 बजे ही इसका पता चल गया था। इसके बाद हिसाब-किताब में जोड़-घटाना कर गबन के रुपयों को बराबर करने की कोशिश की गई।

करीब तीन से चार घंटे तक अफसर दफ्तर में बैठकर जोड़-तोड़ करते रहे, लेकिन रकम अधिक होने के कारण जब कोई रास्ता नहीं दिखा तो बाद में मजबूरन एफआईआर दर्ज करानी पड़ी।

मामले पर स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार का कहना है कि बुकिंग दफ्तर से चार लाख से अधिक का गबन हुआ है। मामले में मुख्य वाणिज्य पर्यवेक्षक ने ड्यूटी पर रहे बुकिंग क्लर्क के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। विभागीय जांच भी कराई जाएगी।
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