राहुल गांधी अपने दो दिवसीय यूपी यात्रा में शुक्रवार को जब लखनऊ आए, तो उनके शेड्यूल में 'एडिटर्स मीट' को प्रमुखता दी गई थी।
हालांकि इस मीट का कोई खास मतलब नहीं निकला और इसे फुस्स माना जा रहा है।
राहुल के इस शेड्यूल से ऐसा लगा जैसे वह कोई खास और नई बात करने वाले हैं। लेकिन राहुल ने न किसी से इंटरेक्शन किया और न ही कोई विशेष बात ही कही।
जहां यह मीटिंग हुई, वहां कैमरे तक को ले जाने पर मनाही लग जाने से यह तय माना जा रहा था कि राहुल कुछ खास करने वाले हैं, पर ऐसा नहीं हुआ।
करीब 11.30 बजे पिकेडली होटल के बंद कमरे में इस मीट की शुरुआत हुई, जहां कई अखबारों के संपादक और मौजूद थे।
एक-डेढ़ घंटे तक चली इस मीट में राहुल ने अपनी पार्टी और वही सभी पुरानी नीतियों के बारे में बातें की। इस दौरान उन्होंने कोई नई बात नहीं की। और रोड शो में जाने की जल्दी दिखाई।