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Raebareli News : रिटायर्ड कर्मचारी का बेटा हेलीकॉप्टर से दुल्हनियां लेकर गांव पहुंचा, स्वागत को उमड़े लोग

Fri, 10 Feb 2023 06:32 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली

सार

रामलखन सिंह राठौर चार साल पहले गांव के राजकीय महिला चिकित्सालय से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। रिटायर्ड कर्मचारी का बेटा अभिषेक सिंह राठौर गांव में ही ट्रेडर्स की दुकान चलाता है
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हेलीकाप्टर में दुल्हा दुल्हन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हेलीकॉप्टर से दूल्हा दुल्हन लेकर गांव पहुंचे, यह आपने कम ही सुना होगा। शुक्रवार को एक ऐसा ही मामला आया, जो चर्चा का विषय बन गया है। रिटायर्ड कर्मचारी के व्यवसायी बेटा शुक्रवार को हेलीकॉप्टर से दुल्हन लेकर गांव पहुंचा तो स्वागत के लिए लोग उमड़ पड़े। क्या परिजन, नाते-रिश्तेदार और ग्रामीण दूल्हा-दुल्हन की एक झलक पाने को लेकर बेताब दिखे। खासकर हेलीकॉप्टर को लेकर लोगों में अधिक कौतूहल दिखा। पहले दूल्हा-दुल्हन को गांव के मंदिरों में दर्शन कराया गया। फिर रीतिरिवाज के साथ दुल्हन को घर में प्रवेश कराया गया। दूल्हा अभिषेक के बुआ का लड़का अरविंद सिंह पायलट है। अरविंद ने ही हेलटेन एविसन प्राइवेट लिमिटेेड देहरादून से हेलीकॉप्टर बुक कराया था। इसके बाद हेलीकॉप्टर यहां पर पहुंचा और दूल्हा दुल्हन को लेकर गांव पहुंचा।

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पहले मंदिरों में कराया दर्शन, रीतिरिवाज के साथ दूल्हन के घर में कराया गया प्रवेश

दुल्हा दुल्हन का स्वागत करते घर के लोग - फोटो : अमर उजाला
रायबरेली जिले में खीरों ब्लाक क्षेत्र के पाहो गांव निवासी रामलखन सिंह राठौर चार साल पहले गांव के राजकीय महिला चिकित्सालय से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। रिटायर्ड कर्मचारी का बेटा अभिषेक सिंह राठौर गांव में ही ट्रेडर्स की दुकान चलाता है। अभिषेक की बारात गुरुवार की शाम बड़े धूमधाम से रायबरेली के ही डलमऊ तहसील क्षेत्र के जहानामऊ मजरे घुरवारा पहुंची, जहां परंपरागत रीति-रिवाज से अभिषेक और लक्ष्मी सिंह पुत्री नरेश प्रताप सिंह ने सात फेरे लिए। दूल्हा चार पहिया वाहनों से बारात लेकर पहुंचा था। शुक्रवार को ससुराल से एक किमी दूर कठगर में बने हेलीपैड पर पूर्वाह्न 11.35 पर हेलीकॉप्टर में सवार होकर नवविवाहित जोड़ा 11.44 बजे पाहो गांव पहुंचा, जहां एक मिनट तक हेलीकाप्टर गांव के चक्कर मारने के बाद 11.45 पर अमर शहीद बलवान सिंह खेलकूद मैदान में बने हेलीपैड पर उतरा। सबसे पहले कैप्टन ललित और इंजीनियर प्रवीण मिश्रा पहले हेलीकॉप्टर से नीचे उतरे। इसके बाद दूल्हे की बहन नेहा सिंह, बुआ रामेश्वरी सिंह और परिवार की अन्य महिलाओं ने रीति रिवाज के अनुसार पहले वर-वधू का पानी उतार कर बाहर धार दिया। इसके बाद उनकी आरती उतार कर स्वागत करते हुए उन्हें हेलीकॉप्टर से नीचे उतारा, जहां सबसे पहले बहन नेहा सिंह ने दुल्हन लक्ष्मी सिंह को गुलदस्ता भेंट करके उनका स्वागत किया। इसके बाद चार पहिया वाहन से दूल्हे-दुल्हन को गांव के सभी प्रमुख मंदिरों में दर्शन कराकर दरवाजे पहुंचाया गया, जहां परंपरागत रीति रिवाज के अनुसार नव वर-वधू को घर में प्रवेश कराया गया।
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खर्च हुए साढ़े सोलह लाख रुपये

दुल्हा दुल्हन का स्वागत करते घर के लोग - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, दूल्हा अभिषेक के चाचा कनक सिंह पेशे से कचहरी रायबरेली में वकील हैं, जबकि अन्य चाचा प्रमोद सिंह व विनोद पहले छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद अब उत्तर प्रदेश में ठेकेदारी करते हैं। यह छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के करीबी माने जाते हैं। दूल्हा अभिषेक सिंह गांव में ट्रेडर्स की दुकान चलाता है, जबकि उसका बड़ा भाई विनय सिंह एयरफोर्स में, जबकी दूसरे नंबर का भाई विवेक सिंह चाचा प्रमोद सिंह के साथ रहकर उनके व्यवसाय में हाथ बंटाता है। अभिषेक की शादी को ऐतिहासिक बनाने के लिए चाचा प्रमोद व विनोद आदि परिवारीजनों ने 15 लाख रुपये का हेलीकॉप्टर का डेढ़ लाख रुपये पुलिस व फायर ब्रिग्रेड समेत साढ़े सोलह लाख रुपये खर्च किए। दुल्हन लक्ष्मी सिंह एमए तक पढ़ाई करने के बाद घर पर रह रही थी।
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