कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कागजी कोरम पूरा कर रहा स्वास्थ्य विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी श्रावस्ती। जिले में झोलाछापों की भरमार है। चाहे प्रमुख कस्बे हों या तिराहे व चौराहे। सभी जगह इनका जाल फैला हुआ है। ये असाध्य रोगों को ठीक करने की गारंटी लेकर न सिर्फ मरीज की जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं, बल्कि उनकी जान भी जोखिम में डाल रहे हैं। इनके विरुद्ध कार्रवाई के नाम पर स्वास्थ्य विभाग सिर्फ कागजी कोरम पूरा कर रहा है।
जिले में झोलाछापों का जाल फैला हुआ है। ये सर्दी जुकाम सहित कई असाध्य रोगों को कम पैसे में गारंटी से ठीक करने का ठेका ले रहे हैं। इतना ही नहीं बीमारी ठीक न होने पर पैसा वापस करने का दावा भी कर रहे हैं। ऐसे झोलाछाप के गांव-गांव एजेंट सक्रिय हैं। जो मरीज व उनके परिजनों को गुमराह कर जाल में फंसाते हैं। यही नहीं ज्यादातर दवा विक्रेता भी लोगों का न सिर्फ इलाज कर रहे हैं, बल्कि उनको इंजेक्शन व ड्रिप भी चढ़ाते देखे जा रहे हैं। इसके बावजूद इन झोलाछाप के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग कोई अभियान नहीं चला रहा है।
कई की हो चुकी मौत, कई हुए अंग भंग
सिरसिया थाना क्षेत्र के गुलरा में कुछ वर्ष पूर्व एक गांव में डायरिया फैला था। परिजनों ने मरीजों का इलाज झोलाछाप से कराया था। नतीजतन गांव में तीन लोगों की मौत हो गई थी। ऐसे ही मल्हीपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में एक महिला के हाथ में फोड़ा था। झोलाछाप से कराने के बाद उसका हाथ काटना पड़ गया था। भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम दुर्गापुर केपी के मजरा नौशाहरा मोड़ पर गाजी हॉस्पिटल का संचालन किया जा रहा था। वहां गुर्दे में पथरी का इलाज कराने आईं नौशहरा निवासी जरीना बेगम (45) पत्नी जुमई की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई थी। वहीं गिलौली निवासी नौ माह की मासूम की कमर में एएनएम की ओर से लगाए गए टीके के बाद सड़न पैदा हो गई थी। बच्ची के कमर का एक हिस्सा पूरी तरह से सड़ गया था। ऑपरेशन के बाद उसकी जान बची थी। हरदत्त गिरंट के ददौरा निवासी एक महिला गर्भवती थी। जिसका भिनगा के एक नर्सिंग होम में बच्चे को मृत बताया गया। जिसे नॉर्मल डिलीवरी के माध्यम से निकालने की बात कही। इस पर पीड़ित राजी हो गया। बाद में झोलाछाप ने बच्चे के शरीर को काट काट कर निकाला था। ऐसे ही कई मामले हैं जो प्रकाश में आए।
मेडिकल स्टोर संचालक कर रहे थे इलाज
सोनवा क्षेत्र में मेडिकल स्टोर संचालकों द्वारा लोगों का इलाज किया जा रहा था। इसकी शिकायत के बाद सीएमओ के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डाॅ. मुकेश मातनहेलिया ने संबंधित दवा की दुकानों में छापेमारी की थी। वहां उन्हें दवा विक्रेता ड्रिप चढ़ाते मिले। इस पर डिप्टी सीएमओ ने तीन के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई थी। डिप्टी सीएमओ ने ही गिलौला में भी छापेमारी की था। वहां उन्होंने एक के विरुद्ध एफआईआर कराई थी।
आप से जानकारी हुई है, ऐसे झोलाछाप की सूची तैयार कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. एपी सिंह, सीएमओ