रायबरेली। पारा दिनोंदिन चढ़ता जा रही है और गाड़ियों की लेट लतीफी भी कम नहीं हो रही है। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को तपती गर्मी के बीच ट्रेनों का इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं ट्रेनों में सफर के दौरान भी धीमी रफ्तार से दुश्वारी हो रही है। ट्रेन के आते ही स्टेशन पर लगी पानी की टोटियों पर धक्कामुक्की शुरू हो जाती है।
मंगलवार को सबसे ज्यादा लेट पंजाब मेल रही। हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल सवा तीन घंटे की देरी से आई, जबकि अमृतसर से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल डेढ़ घंटे विलंब से पहुंची। सहारनपुर से प्रयागराज संगम जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस ढाई घंटे लेट आई। शक्ति नगर से टनकपुर जाने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस दो घंटे और आनंद विहार टर्मिनल से पुरी जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस डेढ़ घंटे विलंब से आने के कारण यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। पटना से जम्मी तवी जाने वाली अर्चना एक्सप्रेस और बनारस से नई दिल्ली जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस एक-एक घंटे विलंब से आई। देहरादून से बनारस जाने वाली जनता मेल भी आधे घंटे लेट रही।
ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों को तपती गर्मी में पसीना बहाना पड़ रहा है। ट्रेनों में सफर करने वाले यात्री रास्ते में गर्मी से बेहाल हो रहे हैं। कोई ट्रेन समय से नहीं पहुंच रही है। इस वजह से उनकी प्यास बढ़ती रहती है। रेलवे स्टेशन पर जैसे ही कोई ट्रेन आती है, वैसे ही उसमें सफर करने वाले यात्री उतर कर नलों की टोटियों पर टूट पड़ते हैं। पानी भरने को लेकर धक्कामुक्की होती है। इससे पहले कि सभी यात्री पानी भर सके, ट्रेन छूटने का संकेत हो जाता है। इससे कई यात्री बगैर पानी लिए ही लौट जाते हैं। स्टेशन के जिम्मेदारी अधिकारी कहते हैं कि ट्रेनें पिछले स्टेशनों से लेट हो रही हैं। स्टेशन पर पानी की व्यवस्था पूरी है और सभी नलों में जलापूर्ति हो रही है।