लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विवि में अब बीए, बीएससी और बीकॉम की पढ़ाई करने के साथ ही छात्र-छात्राएं बीएड की डिग्री भी हासिल कर सकेंगे। भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीई) के निर्देशों के क्रम में विवि ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। आगामी सत्र में इसके शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम में इसकी व्यवस्था की गई है। इसके आधार पर ही विवि में इंट्रीग्रेटेड बीएड स्पेशल एजुकेशन शुरू होगा।
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत बीएड के प्रोग्राम में कई अहम बदलाव करने के साथ ही विद्यार्थियों के लिहाज बेहद लचीला बनाया जा रहा है। इसमें विद्यार्थी के लिए मल्टीपल एंट्री और एग्जिट की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम के तहत विद्यार्थी एक ही पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ दो डिग्रियां हासिल कर सकेंगे। इससे उन्हें एक वर्ष का फायदा मिलेगा। इंटरमीडिएट के बाद विद्यार्थी सीधे इस पाठ्यक्रम में दाखिला ले सकेंगे। इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम अभी देश के चुनिंदा संस्थानों में ही संचालित है।
आगामी सत्र से लखनऊ विश्वविद्यालय में चार वर्ष का बीएड शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए विवि जल्द ही नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेश (एनसीटीई) में आवेदन करेगा। फिलहाल विवि में दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम संचालित है।
दो साल के बीएड को मान्यता नहीं देगा आरसीआई
भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई) ने शुक्रवार को पत्र जारी करते हुए सत्र 2024-25 से शैक्षिक संस्थानों को दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम (स्पेशल एजुकेशन) की मान्यता नहीं देने की घोषणा की है। वहीं एनसीटीई की तर्ज पर चार वर्षीय बीएड (स्पेशल एजुकेशन) पाठ्यक्रम बनाने का फैसला किया है। जिसकी सूचना संस्था की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।
छात्रों के लिए लाभकारी
आरसीआई का इंट्रीगेटेड बीएड (स्पेशल एजुकेशन) शुरू करने का फैसला विद्यार्थियों के लिए लाभकारी है। इससे उनमें पाठ्यक्रम के प्रति बेहतर समझ विकसित होने के साथ उन्हें एक साथ दो डिग्रियां प्राप्त हो सकेंगी और उनका एक साल भी बचेगा।
- प्रो. रजनी रंजन सिंह,
डीन स्पेशल एजुकेशन, पुनर्वास विवि