मुख्यमंत्री से वार्ता विफल होने के बाद अपने अपने जिलों को लौट रहे छात्रों ने गाड़ियों पर जमकर गुस्सा उतारा।
विधानभवन के सामने धरनास्थल पर छात्रों ने जमकर हंगामा किया। गुस्साए छात्रों ने पुलिस वाहनों समेत कई गाड़ियों पर पथराव कर उनके शीशे तोड़ दिए।
सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आरक्षण समर्थकों की पुलिसकर्मियों से भी जमकर कहासुनी हुई।
पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के अलावा कोई खास बल प्रयोग नहीं किया। एहतियात के तौर पर धरनास्थल से लेकर चारबाग स्टेशन तक सुरक्षा के खासे इंतजाम किए गए थे।
बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया था। ताकि कहीं भी स्थिति बिगड़े तो उस पर तत्काल नियंत्रण पा लिया जाए। छात्रों के ट्रेनों में बैठ जाने तक फोर्स तैनात रही।