ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय
लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग ने 'प्रगतिशील उर्दू महिला कहानीकार और सामाजिक चेतना' विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया। जामिया मिल्लिया इस्लामिया की समाजशास्त्र विभाग अध्यक्ष अजरा आबिदी ने कहा कि प्रगतिशील महिला कहानीकारों ने स्त्री को अपनी दृष्टि से दुनिया देखने की चेतना दी। इन कहानीकारों ने स्त्री, परिवार, असमानता, शोषण और लैंगिक भेदभाव जैसे मुद्दों को उठाया। रशीद जहां, इस्मत चुगताई सहित कई लेखिकाओं का उल्लेख हुआ। अजरा आबिदी ने बताया कि इन लेखिकाओं ने स्त्री की समस्याओं को व्यापक सामाजिक संरचना से जोड़ा। सौबान सईद ने कहा कि इन कहानीकारों द्वारा उठाए गए प्रश्न आज भी प्रासंगिक हैं। मोहम्मद अकमल, मूसा रजा और जफरुन नकवी आदि मौजूद रहे।