महिलाएं पुरुषों से किसी मायने में कम नहीं है। इसके बावजूद महिलाएं कभी
भी पुरुषों की आलोचना नहीं करती हैं।
लैंगिक समानता विषय पर आयोजित
कार्यक्रम में यह बात लविवि की पूर्व कुलपति प्रो. रूपरेखा वर्मा ने कही।
प्रो. रूपरेखा वर्मा के साथ ही इस कार्यक्रम में कई अन्य विद्वानों ने भाग
लिया।
सामाजिक कार्यकर्ता ताहिरा हसन ने कहा कि संपूर्ण समाज की सोच मीडिया
की बेहतर भूमिका के जरिए बदली जा सकती है।
ऑक्सफेम इंडिया की डॉ. स्मृति
सिंह ने कहा कि घरेलू हिंसा के मुद्दों को उठाया। डॉ. अजय प्रकाश ने सभी
वक्ताओं को धन्यवाद ज्ञापित किया।