स्वच्छता नहीं अपनाने से लाखों लोग मौत के शिकार हो जाते हैं। केवल
डायरिया की वजह से हर साल 10 लाख बच्चे काल के गाल में समा रहे हैं।
2011
का यह आंकड़ा केवल हाथ धोने की आदत से ही सुधर सकता था। हैंड वाश वीक में
अंतरराष्ट्रीय संस्था वाटर एड की मदद से विज्ञान फाउंडेशन ने सोमवार को
जागरूकता रैली निकाली।
वाटर एड के
अधिकारियों के मुताबिक, 2011 में जनगणना के बाद जारी हुए आंकड़े भयावह
स्थिति की ओर इशारा करते हैं।
देश में गंदगी से विभिन्न बीमारियों के शिकार
होकर पांच साल की उम्र तक के 35 लाख बच्चे असमय मौत का शिकार प्रतिवर्ष हो
रहे है।