प्रो. अरविंदाक्षन को ‘कुंवरपाल सिंह स्मृति सम्मान’
लखनऊ। निशातगंज स्थित कैफी आजमी अकादमी में बृहस्पतिवार को जनवादी लेखक संघ और डॉ. राही मासूम रजा साहित्य अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम हुआ। प्रख्यात विद्वान प्रो. ए. अरविंदाक्षन को ‘कुंवरपाल सिंह स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संयोजन अलीगढ़ के केपी सिंह मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से किया गया। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के पूर्व प्रति-कुलपति प्रो. अरविंदाक्षन ने ‘साहित्य की संस्कृति अर्थात प्रतिरोध की संस्कृति’ विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि हर युग की बुराइयों और अभावों के खिलाफ खड़ा होना ही रचनाकार का मूल धर्म है। द्वितीय सत्र ‘नवांकुर’ युवा कवियों को समर्पित रहा, जिसमें उभरते रचनाकारों ने अपनी कविताओं के माध्यम से आधुनिक संवेदनाओं को अभिव्यक्त किया। ब्रजराज सिंह यादव ने ‘रेत की नाव’ जैसी कविताओं के जरिए जीवन के द्वंद्व को उकेरा, जबकि नीरज की कविताओं में नई पीढ़ी का साहस झलकता दिखा। रक्षित पांडेय ने सामाजिक यथार्थ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन सीमा सिंह ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार रामवीर सिंह, आलोचक नलिन रंजन सिंह, प्रख्यात कवि नरेश सक्सेना और लेखक हफीज किदवई सहित कई साहित्यकार मौजूद रहे।