लखनऊ। राजधानी में 200 से अधिक सरकारी विद्यालयों को अब शिक्षक मिल जाएंगे। लंबे समय से अटकी समायोजन की प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है। नगर व ग्रामीण क्षेत्र में तैनात सरप्लस शिक्षकों को एक व शून्य शिक्षक वाले विद्यालयों में भेजा जाएगा। ये समायोजन उन्हीं शिक्षकों के होंगे जिनके मामले कोर्ट में या फिर आपित्त में नहीं है। बता दें कि अमर उजाला ने 10 सितंबर के अंक में 157 बच्चों पर शिक्षक नहीं 48 पर चार शिक्षक शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। इसमें समायोजन को मुद्दे को प्रमुखता से छापा गया था। खबर छपने के बाद विभाग ने सक्रियता दिखाई है। बीएसए विपिन कुमार ने बताया कि करीब 400 से अधिक शिक्षक सरप्लस हैं। इनमें 175 से अधिक शिक्षकों की आपत्तियां सचिव परिषद के यहां पेंडिंग हैं। इन शिक्षकों की सूची अलग कर बाकी अन्य शिक्षकों को समायोजित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही उन स्कूलों को शिक्षक मिल जाएंगे जहां लंबे से समय से शिक्षकों की कमी है।