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Lucknow News: बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या बरकरार

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रायबरेली। बिजली की कटौती और लो वोल्टेज से लाेगों को रात काटना मुश्किल हो रहा है। शहर में ट्रिपिंग के साथ दो से तीन घंटे की कटौती हो रही है तो साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बमुश्किल आठ से दस घंटे बिजली मिल रही है। गांवों में भी हाल बुरा है जहां करीब दस घंटे की कटौती हो रही है।
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जिले में बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई है। यहां बिजली की मांग रोजाना 390 मेगावाट तक पहुंच गई है। हर फीडर ओवरलोड चल रहा है। फीडरों पर 220 से 240 एंपियर तक का लोड है। इससे लो वोल्टेज के साथ बिजली फॉल्ट भी हो रहे हैं। बछरावां में बिशनपुर उपकेंद्र से जुड़े समोधा, राजामऊ, चूरूवा, जोहवा शर्की के 50 हजार उपभोक्ता बिजली कटौती से परेशान हैं।
ग्रामीण सत्यदेव, सर्वेश, विनोद, ओमिक ने बताया कि लो वोल्टेज पूरे दिन रहता है। वहीं आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। लो वोल्टेज से घरों में पानी की मोटर, कूलर, फ्रिज नहीं चलते हैं। वहीं दूसरी तरफ हर एक घंटे में 10 मिनट के लिए उपकेंद्र से टिपिंग की जाती है। जेई देवेंद्र कुमार ने बताया कि 33 केवी पावर हाउस से ही रोस्टिंग की जाती है तभी आपूर्ति बाधित होती है।
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भोजपुर कस्बा क्षेत्र के रनापुर पावर हाउस में बिजली का संकट बढ़ता जा रहा है। यहां दिन-रात अघोषित कटौती से लोगों का जीना मुहाल है। कस्बे से लेकर गांव में रोजाना सात से आठ घंटे तक की अघोषित कटौती हो रही है। किसान पप्पू मिश्रा, कृपा साहू, मुकेश, सुरेश का कहेना कटौती के साथ ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई है। जेई अजय कुमार का कहना है कि क्षेत्र में बिजली की समस्या का मुख्य कारण आपातकालीन रोस्टिंग होना है। ऊपर से जितनी बिजली मिलती है, उतनी दी जा रही है।

कठगर बिजली उपकेंद्र की व्यवस्था धड़ाम
रायबरेली। कठगर बिजली उपकेंद्र की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई है। चाहे फिर रात हो या फिर दिन, बिजली कटौती बंद नहीं हो रही है। उपकेंद्र के तहत खागीपुर सड़वा, पंडित का पुरवा, सैदनपुर, मनेहरू, साड़बरा समेत अन्य गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। खागीपुर सड़वा गांव निवासी नागेंद्र यादव, दिनेश यादव का कहना है कि बिजली कटौती से नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। इससे धान की फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। गर्मी में रात काटनी मुश्किल हो जाती है। बिजली आने पर भी आवाजाही लगी रहती है। अधिकारी समस्या पर गंभीर नहीं हैं।
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