कार्यकर्ताओं से सीधे मुखातिब हुईं प्रियंका गांधी।
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गांधी परिवार की तीसरी पीढ़ी से राहुल गांधी रायबरेली के चुनावी रण में उतर चुके हैं और रणनीतिकार उनकी एतिहासिक जीत के लिए तैयारी में जुटे हैं। सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ भुएमऊ गेस्ट हाउस में प्रियंका ने मैराथन बैठक की। कांग्रेस के वॉर रूम से जो बात छन कर आई है, उसमें रायबरेली के साथ अन्य सीटों पर कांग्रेस मुद्दों की बौछार कर चुनावी रण को अपने माकूल बनाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस की 25 गारंटी से चुनाव को धार दिया जाएगा तो महंगाई, बेरोजगारी के मुद्दे चुनाव प्रचार में अहम तीर होंगे।
सोमवार को पांच बजे प्रियंका गांधी भुएमऊ गेस्ट हाउस पहुंची। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात कर ग्राम पंचायत और न्याय पंचायत स्तर के जमीनी कार्यकर्ताओं से रूबरू हुईं। गांव के प्रधानों से प्रियंका ने रायबरेली की सियासी गणित पर बात की। पिछले पांच सालों में गांवों में पार्टी का बूथ प्रबंधन किस तरह का है, इसकी हकीकत को जाना। प्रचार के लिए कांग्रेस के घोषणा पत्र को अहम हथियार बताया गया। साथ ही राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की उपलब्धि को घर-घर तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म से धुआंधार प्रचार करने की रणनीति तैयार हुई।
जिस तरह दक्षिण की राजनीति में जातीय फैक्टर से अधिक मुद्दे प्रभावी होते हैं तो रायबरेली में भी इसी रणनीति को हिस्सा बनाने की तैयारी की गई। मुद्दों के साथ जातीय समीकरण को साधने पर बात की गई। चुनाव में भावनात्मक मुद्दों का भी प्रयोग होगा। चुनावी चौपाल, नुक्कड़ सभा और गारंटी कार्ड बांटने के दौरान गांधी परिवार के रायबरेली से रिश्ते के भावनात्मक पहलू को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
घोषणाओं की कमजोर कड़ियों को खंगालेगी टीम
पिछले पांच साल में रायबरेली में सरकारी योजनाओं और भाजपा के नेताओं की घोषणाओं का क्या हाल है। इसे लेकर विधानसभा स्तर पर बनाए गए समन्वय टीम के सदस्य और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी क्षेत्र में योजनाओं और घोषणाओं को खंगालकर रिपोर्ट देंगे। जिसके बाद वह प्रचार का हथियार बनेगा।
कांग्रेस की दिखी ताकत
भुएमऊ गेस्ट हाउस में प्रियंका गांधी की बैठक को लेकर कांग्रेस ने जबरदस्त तैयारी की थी। पार्टी कॉडर बेस पर बहुत दिनों बाद ताकत में दिखी। जिले की राजनीति में कांग्रेस हाल के वर्षों में जमीन और सड़क पर इतनी ताकतवर नजर नहीं आई, जितनी सोमवार को नजर आई। भुएमऊ गेस्ट के दोनों तरफ सड़क के तीन किलोमीटर तक वाहनों का काफिला लगा रहा तो साथ ही कांग्रेसी बहुत उत्साहित नजर आए।